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एक्सक्लूसिव: 'आगरा मॉडल' फिर चर्चा में, ज्यादा कोरोना संक्रमण वाले शहरों में होगा लागू

Sat, 19 Dec 2020 11:59 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • आगरा के देहात क्षेत्रों में 15 दिन में सिर्फ एक-दो संक्रमित मिल रहे
  • शासन स्तर से आगरा मॉडल को दूसरे शहरों में लागू करने की तैयारी
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आगरा में कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहर में तो कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम हुई ही है, देहात में और ज्यादा कमी आई है। गांवों और कस्बों में अब 15 दिन में एक-दो संक्रमित ही मिल रहे हैं। इस कामयाबी से 'आगरा मॉडल' एक बार फिर चर्चा में आ गया है। शासन स्तर से इसे उन शहरों में लागू किए जाने की तैयारी की जा रही है, जहां ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से आगरा मॉडल की जानकारी मांगी गई है।

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आगरा के देहात क्षेत्र और कस्बों में रोजाना 450 से 500 लोगों की कोरोना वायरस की जांच हो रही है। राहत की बात है कि इनमें से रोजाना नए मरीज नहीं मिल रहे। सप्ताह या फिर 12 से 15 दिन में एक या दो मरीज मिल रहे हैं।


सितंबर तक फतेहपुर सीकरी और खंदौली में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मरीज मिले थे। यहां भी अब पहले से कम हैं। एत्मादपुर, बाह, सैंया में अक्तूबर और नवंबर में संक्रमित कम मिले हैं। खेरागढ़, शमसाबाद, फतेहाबाद, पिनाहट, जगनेर, बरौली अहीर, मिढ़ाकुर में तो 20 दिन से अधिक समय में एक मरीज मिलने का औसत है।

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आगरा मॉडल की बन रही रिपोर्ट
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि कोरोना संक्रमण की दर कम करने के लिए आगरा मॉडल की रिपोर्ट बनी है। इसको दूसरे शहर भी अपनाएंगे। इसमें जिला और स्वास्थ्य विभाग की अभी तक अपनाई गई कार्ययोजना को शामिल किया है। 

आगरा में सीएचसी पर भी जांच की सुविधा की है। ट्रैकिंग सिस्टम तेजी से कार्य कर रहा है। संपर्क में आए लोगों के यहां जाकर उन्हें होम क्वारंटीन करने और जांच को नमूना लेने से दर काफी कम हुई है। अब आगरा मॉडल की तारीफ हो रही है, रिपोर्ट भी शासन को भेजी है।

यह है आगरा मॉडल
- स्वस्थ लोगों को भी मल्टी विटामिन और आइवरमेक्टिन दवा देना।
- स्क्रीनिंग-पल्स ऑक्सीमेट्री कर संदिग्ध मरीजों की पहचान करना।
- संपर्क में आए लोगों की जांच करना और होम क्वारंटीन करना।
- सीएचसी-सरकारी अस्पतालों में फ्लू ओपीडी अलग से चलाना।
- कोरोना वायरस की गंभीरता को देख लोगों को जागरूक करना।
(जैसा सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने बताया)

स्वास्थ्य सर्वे प्रभारी के डॉक्टर संजीव वर्मन ने बताया कि घर-घर स्क्रीनिंग कर संदिग्ध मरीजों की जांच कर रहे हैं और दवाएं दे रहे हैं। स्वस्थ लोगों को भी मल्टी विटामिन और आइवरमेक्टिन दवा दी जा रही है। इससे संक्रमण नियंत्रित हुआ, देहात में भी इसी तर्ज पर मरीजों की संख्या कम हो रही है।
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