शहर में तो कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम हुई ही है, देहात में और ज्यादा कमी आई है। गांवों और कस्बों में अब 15 दिन में एक-दो संक्रमित ही मिल रहे हैं। इस कामयाबी से 'आगरा मॉडल' एक बार फिर चर्चा में आ गया है। शासन स्तर से इसे उन शहरों में लागू किए जाने की तैयारी की जा रही है, जहां ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से आगरा मॉडल की जानकारी मांगी गई है।
आगरा के देहात क्षेत्र और कस्बों में रोजाना 450 से 500 लोगों की कोरोना वायरस की जांच हो रही है। राहत की बात है कि इनमें से रोजाना नए मरीज नहीं मिल रहे। सप्ताह या फिर 12 से 15 दिन में एक या दो मरीज मिल रहे हैं।
सितंबर तक फतेहपुर सीकरी और खंदौली में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मरीज मिले थे। यहां भी अब पहले से कम हैं। एत्मादपुर, बाह, सैंया में अक्तूबर और नवंबर में संक्रमित कम मिले हैं। खेरागढ़, शमसाबाद, फतेहाबाद, पिनाहट, जगनेर, बरौली अहीर, मिढ़ाकुर में तो 20 दिन से अधिक समय में एक मरीज मिलने का औसत है।