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कोरोना : बारिश में दोगुनी हुई संक्रमण की रफ्तार, बीमारी से बचाव के लिए बरतें विशेष सावधानी

Sat, 25 Jul 2020 10:38 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • जून में औसतन आठ से 10 मरीज रोज मिले थे, अब रोज 20 मरीज का औसत
  • बरसात में इम्यूनिटी कम रहती है, वायरस-बैक्टीरिया ज्यादा होते हैं हावी
  • दूषित पानी समेत अन्य से बीमार लोगों में संक्रमित होने का खतरा ज्यादा
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार
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बरसात में कोरोना संक्रमण की दर तेज होने की इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की ओर से जताई गई आशंका हकीकत में सामने आ रही है। आगरा में बारिश के बाद संक्रमित मरीजों की संख्या दो गुनी हो गई है। जून में औसतन आठ से 10 मरीज रोज मिल रहे थे, अब औसतन 20 मरीज मिल रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि लापरवाही बरती तो एक बार फिर शहर में संक्रमण की दर अत्यधिक होगी।

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मार्च में संक्रमित मरीज मिलने शुरू हुए। अप्रैल, मई और जून की बात करें तो अप्रैल में 500 से अधिक मरीज मिले थे, इसके बाद संक्रमण की दर कम होने लगी। जुलाई में फिर संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। जून तक करीब 1200 संक्रमित मरीज थे। जुलाई के 24 दिन में 403 से अधिक मरीज सामने आए हैं। अभी बरसात भी ज्यादा नहीं हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि लगातार बारिश हुई तो संक्रमण की दर में और तेजी आएगी। 


शुक्रवार तक का आंकड़ा 
1604: कुल मरीज
1301: मरीज डिस्चार्ज
206: मरीज अभी भर्ती
37,836: नमूनों की हुई जांच

लक्षण मिले तो जांच जरूर कराएं

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडे ने बताया कि अनलॉक के बाद भी मरीज नियंत्रित थे। बारिश के बाद मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन अभी भी स्थिति नियंत्रित है। सामुदायिक प्रसार नहीं हुआ है। लोगों से अपील है कि मास्क, सामाजिक दूरी और लक्षण प्रतीत होने पर जांच कराने के प्रति जागरूक रहें तो स्थिति सुधरती जाएगी।

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मास्क पहनें, सामाजिक दूरी बरतें

आईएमए आगरा के अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी ने कहा कि बारिश में वायरस-बैक्टीरिया ज्यादा रहते हैं। लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। गंदगी बढ़ती है, दूषित पानी-भोजन से बीमारियां भी होती हैं, इससे संक्रमण ज्यादा होने का खतरा रहता है। बिना काम के घर से बाहर न जाएं, मास्क पहनें-सामाजिक दूरी बरतें। वर्क फ्रॉम होम का पालन करें। हेल्दी डायट और साफ-सफाई का ख्याल रखें तो ज्यादा बेहतर होगा।

बारिश में संक्रमण का खतरा अधिक

एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि बरसात में साफ-सफाई और खानपान का बेहद ही ख्याल रखना है। इसमें बैक्टीरिया, वायरस सबसे ज्यादा रहते हैं। इनसे कोरोना वायरस का खतरा और बढ़ गया है। बीमार लोग दवाएं बंद न करें, परामर्श लेते रहें। बच्चों और बुजुर्गों को घरों से बाहर न जाने दें। कामकाजी लोग मास्क और एक मीटर से अधिक की दूरी का गंभीरता से पालन करें।

एल-दो और एल-3 के बेड बढ़ाने की तैयारी

बिना लक्षण वाले मरीजों के होम आइसोलेशन के बाद एल-टू और एल-थ्री की बेड संख्या बढ़ाने की कवायद हो रही है। अभी इनकी संख्या सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में तीन हजार है। प्रभा हॉस्पिटल, रामरघु हॉस्पिटल और नयति हॉस्पिटल के बाद अन्य प्राइवेट हॉस्पिटल भी चिह्नित किए जा रहे हैं। 

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बचाव के लिए ये करें

- बेवजह घर से बाहर न जाएं, सप्ताहभर का सामान एक दिन में लेकर आएं
- नाक-मुंह अच्छी तरह ढंकें, बाजार में एक मीटर से अधिक दूरी से बात करें
- घर में आने वाले लोगों के हाथों को सैनिटाइज कराएं, मास्क पहनने को कहें
- अस्पताल, स्टेशन, सामूहिक स्थानों पर जाने से बचें।

ये उपाय किए गए हैं

- बिना लक्षण वाले मरीज होम आइसोलेशन में रह सकते हैं
- सरकारी-गैर सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों का एंटीजन टेस्ट
- हॉटस्पॉट एरिया में चार दिन तक स्वास्थ्य सर्वे किया जा रहा
- आमजन के लिए एंटीजन टेस्ट को 28 सेंटर बनाए गए
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