आईएमए आगरा के अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी ने कहा कि बारिश में वायरस-बैक्टीरिया ज्यादा रहते हैं। लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। गंदगी बढ़ती है, दूषित पानी-भोजन से बीमारियां भी होती हैं, इससे संक्रमण ज्यादा होने का खतरा रहता है। बिना काम के घर से बाहर न जाएं, मास्क पहनें-सामाजिक दूरी बरतें। वर्क फ्रॉम होम का पालन करें। हेल्दी डायट और साफ-सफाई का ख्याल रखें तो ज्यादा बेहतर होगा।
बारिश में संक्रमण का खतरा अधिक
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि बरसात में साफ-सफाई और खानपान का बेहद ही ख्याल रखना है। इसमें बैक्टीरिया, वायरस सबसे ज्यादा रहते हैं। इनसे कोरोना वायरस का खतरा और बढ़ गया है। बीमार लोग दवाएं बंद न करें, परामर्श लेते रहें। बच्चों और बुजुर्गों को घरों से बाहर न जाने दें। कामकाजी लोग मास्क और एक मीटर से अधिक की दूरी का गंभीरता से पालन करें।
एल-दो और एल-3 के बेड बढ़ाने की तैयारी
बिना लक्षण वाले मरीजों के होम आइसोलेशन के बाद एल-टू और एल-थ्री की बेड संख्या बढ़ाने की कवायद हो रही है। अभी इनकी संख्या सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में तीन हजार है। प्रभा हॉस्पिटल, रामरघु हॉस्पिटल और नयति हॉस्पिटल के बाद अन्य प्राइवेट हॉस्पिटल भी चिह्नित किए जा रहे हैं।
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