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विदेश से लौटी युवती में कोरोना की पुष्टि, परिजनों का दावा इटली नहीं गई

Mon, 16 Mar 2020 10:11 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

विदेश से हनीमून मनाकर लौटी आगरा की महिला में संक्रमण पाया गया है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने इसकी पुष्टि की है। 
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कोरोना वायरस - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पति के साथ विदेश से हनीमून मनाकर लौटी आगरा निवासी युवती में रविवार को कोरोना वायरस की पुष्टि हो गई। यह आगरा का आठवां मामला है। इनमें से चार लोग स्वस्थ हो चुके हैं। इस युवती की हालत स्थिर बनी हुई है। इसका इलाज एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है।  
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युवती के पति में पहले ही कोरोना पॉजिटिव पाया जा चुका है। उधर, रेलवे में अफसर युवती के पिता के खिलाफ महामारी फैलाने की आईपीसी की धाराओं 269 और 270 के तहत सदर बाजार थाना में केस दर्ज किया गया है। हालांकि परिजनों का दावा है कि युवती इटली गई ही नहीं। 

पिता ने बोला था झूठ 

आरोप है कि 13 मार्च को बेटी को भर्ती कराने के लिए उनके घर गई टीम से उन्होंने झूठ बोला था कि वो बंगलूरू स्थित ससुराल जाने के लिए फ्लाइट पकड़ने दिल्ली चली गई है जबकि वो घर में ही थी। पुलिस के आने पर उसे भर्ती कराया गया था।
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सदर बाजार के थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आईपीसी की ये धाराएं ऐसे कृत्य पर लगाई जाती हैं जिनसे महामारी फैलने का खतरा हो। दोनों धाराओं में दोष सिद्ध होने पर दो-दो साल कारावास का प्रावधान है।

परिजनों का दावा इटली नहीं गई महिला 

उनके परिजनों का यह कहना है कि पहले तो वो इटली नहीं गए। दूसरा, महिला बंगलूरू से आगरा नहीं गई। वे 6 मार्च को मुंबई में उतरे, उसके बाद 8 मार्च को बंगलूरू के लिए गए और वहां से आगरा गए जबकि उनके पति बंगलूरू में रहे। 

परिजनों ने बताया कि हवाई अड्डे पर नियमित स्क्रीनिंग दोनों को पूरी तरह से सामान्य पाया। जब तक महिला आगरा पहुंची, तब तक उनके पति भी पूरी तरह से ठीक थे। पति को पहली बार 9 मार्च को बुखार लगा, जिसके बाद 10 मार्च को उन्होंने परिक्षण करवाया। 12 मार्च को जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई, जिसके बाद उसी दिन आगरा में अधिकारियों को सूचित किया गया। 

जिसके बाद महिला और उसके परिवार ने सहयोग किया और एक स्थानीय अस्पताल में जांच कराई। उन्हें अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रहने के लिए कहा गया, जो काफी गंदा था। परिवार ने बेहतर जगह के लिए अनुरोध किया और अधिकारियों ने उन्हें इस शर्त के साथ घर जाने की अनुमति दी कि फेस मास्क पहनना अनिवार्य है। 

अगले दिन अधिकारियों ने महिला और उनके परिवार को वापस आने के लिए कहां और उनके घर का दौरा किया। पूरा मामला यह था कि परिवार ने बेहतर आइसोलेशन वार्ड के लिए अनुरोध किया इस वजह से विवाद हुआ। जहां महिला के परिजनों ने बाकी मीडिया रिपोर्ट को ठुकराया वहीं अमर उजाला की खबर को अपनी बात का आधार बनाया है। 

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पुणे की लैब से हुई वायरस की पुष्टि

युवती की शादी एक माह पहले हुई है। शादी के बाद मायके में पहली होली के लिए युवती आगरा आ गई थी। उसके आने के बाद पति के कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना आई। 

इस पर स्वास्थ्य विभाग ने 12 मार्च को उसका सैंपल लेकर अलीगढ़ यूनिवर्सिटी की लैब में भेजा, इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हालांकि इसके आधार पर प्रशासन ने कोरोना की पुष्टि नहीं की बल्कि एक और सैंपल किंग जॉर्ज मेडिकल कालेज भिजवा दिया। 

जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि युवती में कोरोना वायरस (Covid 19) की पुष्टि हो गई है। उधर, कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज की हालत स्थिर बनी हुई है। जिलाधिकारी ने रविवार को उसकी सेहत की जानकारी ली।
 
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