आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन) में अब तक भर्ती कराए गए 282 गंभीर संक्रमित मरीजों में से 175 डिस्चार्ज होकर घर जा चुके हैं और 85 का उपचार चल रहा है। जिले में कोरोना से जीतने वाले 660 हो गए हैं। रिकवरी दर 79.42 हो गई है। बुधवार को भी 20 ठीक होकर घर गए।
एसएसन के प्राचार्य डॉ संजय काला ने बताया कोविड आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों का इलाज राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों पर किया है। इनमें अधिकांश मरीज सांस, हृदय रोग, मधुमेह एवं गुर्दे की जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थे।
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एसएन में 86 कोरोना मरीजों की डायलिसिस हो चुकी है। 17 कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं की ऑपरेशन द्वारा डिलीवरी की गई। 80 वर्ष के बुजुर्ग और 23 दिन के नवजात शिशु का भी सफल इलाज हुआ है। गंभीर बीमारियों से पीड़ित 22 की उपचार के दौरान मौत हुई।
कोविड वार्ड में लेवल - 2 के 85 संक्रमितों का उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि निश्चित ही इस महामारी के समय यह सुखद है। सभी लोग निडर होकर, साहस के साथ कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में चिकित्सकों का सहयोग दें। उधर, डीएम ने बताया कि जिले में रिकवरी दर अब 79.42 हो गई है।
59 और जमातियों को मिली जमानत, घर भेजे गए
सिकंदरा के क्वारंटीन सेंटर में रखे गए 59 और जमातियों को बुधवार को जमानत मिल गई। सभी को घर भेज दिया गया। इन्होंने कहा कि शुक्र है, ईद घर में अपनों के साथ मना पाएंगे।
इनके अधिवक्ता शफीक अहमद कुरैशी ने बताया कि कुल 89 लोगों को 31 मार्च को क्वारंटीन किया गया था। इनके खिलाफ सिकंदरा थाने में केस दर्ज कर लिया गया था। इन्हें 45 से ज्यादा दिन हो जाने पर भी न तो घर भेजा जा रहा था, न ही कोर्ट में पेश किया जा रहा था। यह मुद्दा उठा तो प्रशासन पर दबाव बना। मानवाधिकार आयोग में भी इसकी शिकायत की गई थी।
इस पर पुलिस ने इन्हें कोर्ट में पेश किया। अन्य लोग पहले ही जमानत पाकर जा चुके थे। शेष 59 को भी बुधवार को जमानत मिल गई। ये लोग शामली, गाजीपुर, भोपाल, नागपुर, दिल्ली के रहने वाले हैं। प्रशासन ने इन्हें घर जाने की अनुमति भी दे दी। कांग्रेस नेता शब्बीर अब्बास और कई समाजसेवी इनकी रिहाई की कोशिश में लगे थे।