कोरोना वायरस संदिग्ध क्वारंटीन सेंटर्स में 12 लाख का पानी पी गए। पानी के बिल दो माह से अधर में लटके हैं। भुगतान से सरकार ने पल्ला झाड़ लिया है। जबकि भूजल पीने योग्य नहीं होने की शर्त पर ही अप्रैल-मई में क्वारंटीन किए लोगों को मिनरल वॉटर उपलब्ध कराई गई थीं।
ताजनगरी में 14 से अधिक क्वारंटीन सेंटर्स बनाए गए थे। जहां साढ़े छह हजार से अधिक लोगों को रखा गया था। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन दो बोतल मिनरल वॉटर दिया गया। जब खर्च का सत्यापन हुआ तो उसमें 12 लाख के पानी का बिल बना।
इनके भुगतान के लिए प्रशासन ने शासन से अनुमति मांगी। शासन ने भुगतान के लिए फंड नहीं दिया। एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया सरकार से पानी के भुगतान की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया है। इस संबंध में डीएम प्रभु एन सिंह ने कहा पानी की बोतलें सामाजिक संस्थाओं ने उपलब्ध कराई हैं। शासन उनका भुगतान नहीं करेगा।