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अस्पताल में कोरोना संक्रमित ने रात को किया हंगामा, सुबह मौत, परिजनों का आरोप- पिटाई से गई जान

Fri, 29 May 2020 12:02 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद

सार

  • मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य के अनुसार, कोविड अस्पताल की तीसरी मंजिल का जंगला तोड़कर पाइप के सहारे नीचे उतरा था मरीज
  • पुलिस की मदद से मरीज पर पाया गया काबू 
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कोरोना पॉजिटिव के हंगामे के बाद पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फिरोजाबाद के सरकारी मेडिकल कॉलेज में बुधवार रात हंगामा करने वाले कोरोना संक्रमित मरीज की गुरुवार सुबह मौत हो गई। उसके परिजनों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि संक्रमित की मौत कोरोना से नहीं, बल्कि पिटाई से हुई है। अस्पताल में उसे पीटा गया था। 
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बुधवार रात तकरीबन 12 बजे कोविड अस्पताल की तीसरी मंजिल पर बने आइसोलेशन वार्ड से कोरोना मरीज वार्ड से बाहर आ गया और हंगामा करने लगा। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डा. संगीता अनेजा ने बताया कि मरीज वार्ड का जंगला तोड़ कर पाइप के सहारे नीचे उतर आया था। वो हंगामा करने लगा था। पुलिस की मदद से मेडिकल स्टाफ ने कोरोना मरीज को नियंत्रित किया। 

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सीएमएस डॉ. आलोक ने बताया कि हंगामा करने वाले संक्रमित मरीज को रात को एंबुलेंस से टूंडला स्थित एफएच मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन के लिए भेजा था, लेकिन वहां भर्ती नहीं किया गया। इसके कारण उसे दोबारा कोविड अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया। सुबह तकरीबन छह बजे हृदयघात से उसकी मौत हो गई।

परिजनों का आरोप- पिटाई से हुई मौत 

कोरोना मरीज की मौत की जानकारी होने पर उसके परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। परिजनों ने हंगामा कर दिया। मृतक के बेटे ने कहा कि रात को पिता से फोन पर बात हुई थी तब तक वो ठीक थे। कुछ परेशान दिखने पर मैंने मेडिकल स्टाफ से फोन पर ही कहा था कि उन्हें (पिता) को नींद की गोली दे दो, वो सो जाएंगे। लेकिन पिता का इलाज करने की बजाय उन्हें पीटा गया। 
 
बेटे ने आरोप लगाया कि मेडिकल स्टाफ और पुलिस की पिटाई से पिता की मौत हुई है। अंतिम संस्कार के समय मेडिकल स्टाफ ने पूरा शव नहीं खोलने दिया। सिर्फ चेहरा देख सके। पिता के चेहरे पर चोट के निशान थे। इसकी जांच होनी चाहिए। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि उसके पति की सरियों से पिटाई की गई है। 

अस्पताल में मृतक मरीज की पत्नी बिलख रही थी, बेटा ढांढस बंधा रहा था। पत्नी बार-बार यही कह रही थी कि मैं अब किसके सहारे जिऊंगी। मुझे न्याय चाहिए। मैं अपने पति की हत्या का मामला तो योगी-मोदी तक ले जाऊंगी। इस गलती का अहसास कराऊंगी। चाहे कुछ भी करना पड़े।
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ऐसे हुआ था संक्रमित

जिला अस्पताल में डिलीवरी कराने के दौरान मृतक की बेटी कोरोना पॉजिटिव आई थी। इसी कारण 18 मई को पूरा परिवार क्वारंटीन कर दिया था। सैंपलिंग के बाद महिला का पिता पॉजिटिव मिला था। परिवार के अन्य सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव थी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके दीक्षित ने बताया कि खेरा मोहल्ला का व्यक्ति कोरोना संक्रमित था। वो कोविड अस्पताल में भर्ती था। उसकी मौत कोरोना संक्रमण से ही हुई है। चूंकि संक्रमित व्यक्ति के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सकता इसलिए मौत का अन्य कारण स्पष्ट नहीं है। 
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