आगरा में सैंपल की संख्या बढ़ रही है, लेकिन पॉजिटिव रेट में कमी आई है। एक से 10 जुलाई तक संक्रमण की दर 2.70% दर्ज की गई है जो कि शहर की कुल पॉजिटिव रेट 4.75% से बहुत कम है। हालांकि 21 से 30 जून तक यह 2.10% थी। जुलाई माह में इसमें 0.6% का मामूली इजाफा हुआ है।
आगरा में 10 जुलाई तक 28,921 मरीजों की जांच की गई। इनमें 1374 पॉजिटिव मिले थे। शहर का पॉजिटिव रेट 4.75% है। इधर, एक से 10 जुलाई तक 5,412 मरीजों की सैंपलिंग में 147 केस पॉजिटिव निकलने से पॉजिटिव रेट 2.7% रहा है।
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जबकि दस दिन पहले 21 से 30 जून तक 4712 मरीजों की जांच में 95 संक्रमित मिलने पर पॉजिटिव रेट 2.10% था। दस दिन में पॉजिटिव रेट 0.6% बढ़ा है, लेकिन शहर के कुल पॉजिटिव रेट 4.75% की तुलना में इसमें 2.05% की रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है।
क्षमता से ज्यादा पहुंचे सैंपल
एसएन कॉलेज की वायरोलॉजी लैब में प्रतिदिन एक हजार सैंपल जांच की क्षमता है। शुक्रवार को यहां 1400 से ज्यादा सैंपल पहुंचे। इनमें आगरा के अलावा हाथरस के सैंपल भी शामिल थे। क्षमता से अधिक सैंपल पहुंचने के कारण जांच में 12 घंटे की देर हुई।
सूबे में पॉजिटिव रेट से 1.47% अधिक
ताजनगरी का पॉजिटिव रेट सूबे के कुल पॉजिटिव रेट से 1.47% अधिक है। सूबे में 10,26966 सैंपल में 33700 केस पॉजिटिव मिले हैं। पॉजिटिव रेट 3.28% है। जबकि आगरा में कुल पॉजिटिव रेट 4.75% है।
प्रदेश में छठवें नंबर पर आगरा
संक्रमण के मामले में आगरा को पछाड़ कर नोएडा, गाजियाबाद और लखनऊ बहुत आगे निकल गए हैं। कानपुर और मरेठ में भी कोरोना का कहर जारी है। जबकि आगरा प्रदेश में अब छठवें नंबर पहुंच गया है।
पांच दिनों में हुई सैंपलिंग
- 10 जून को 627
- 9 जून को 609
- 8 जून को 601
- 7 जून को 762
- 6 जून को 472
टॉप शहरों का हाल
- नोएडा- 3260
- गाजियाबाद- 2863
- लखनऊ- 2012
- कानपुर- 1619
- मेरठ- 1427
- आगरा- 1388
- हापुड़- 884
- बुलंदशहर- 871
- वाराणसी- 819
- अलीगढ़- 724