कोरोना संक्रमित मिलने के बाद घर सैनिटाइज करती टीम
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फिरोजाबाद में रविवार को 54 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद आंकड़ा 1840 तक पहुंच गया। कोरोना से पीड़ित मिलने वालों में आठ वर्ष के बालक से लेकर 80 वर्ष के बजुर्ग तक शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी को आइसोलेशन वार्ड में उपचार के लिए भर्ती कराया है। संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 1840 पहुंच गया है। फिरोजाबाद के सरस्वतीनगर निवासी एक ही परिवार के छह लोग को कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं हुंडावाला बाग में एक ही परिवार के चार लोग संक्रमित हैं।
लोहियानगर में एक ही परिवार की एक युवती एवं तीन किशोरियों को कोरोना की पुष्टि हुई है। सैलई में तीन लोगों को तो पैंगू अरांव में चार लोग जांच में पॉजिटिव पाए गए हैं।
जयश्री टॉकीज के पास एक पुरुष, नगला महुआ एवं नगला डाली में एक-एक महिला, महावीर नगर में एक पुरुष, बरगदपुर में एक महिला, सुहागनगर में पुरुष, नगला रामकिशन में 50 वर्षीय महिला, ख्यालीराम का अहाता में 78 वर्षीय बुजुर्ग, शिकोहाबाद में चार लोग कोरोना से पीड़ित मिले हैं।
जसराना के नगला नथुआ में एक महिला एवं जसराना में एक महिला को कोरोना के चलते भर्ती किया गया है। गढ़सान में दो, नगला विश्नू में एक, लेबर कॉलोनी में एक, स्यारमऊ में एक व्यक्ति कोरोना से पीड़ित मिला है। जहां सरस्वती नगर में आठ वर्ष की बच्ची को कोरोना मिला है वहीं हुंडावाला बाग में 80 वर्ष के वृद्ध कोरोना से संक्रमित मिले हैं।
संक्रमण बढ़ने के साथ लापरवाही भी चरम पर
कोरोना संक्रमण का ग्राफ जैसे-जैसे बढ़ रहा है, लोग भी उतनी ही लापरवाही बरत रहे हैं। मास्क लगाने के प्रति लापरवाही से लेकर सामाजिक दूरी और सैनिटाइजेशन जैसी जरूरी व एहतियातन कदम उठाने भूलते जा रहे हैं। मेडिकल स्टोर, क्लीनिक, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर उमड़ रही भीड़ के दौरान कोरोना संक्रमण से बचने के सभी मानक टूटते जा रहे हैं। लोगों की यही लापरवाही संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ा रही है। अब तक 49 मौतें और 1800 से अधिक लोगों के संक्रमित होने का आंकड़ा चौंकाने वाला है। जानकार बताते हैं कि संक्रमण के प्रति अभी और भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
जून में अनलॉक के साथ बढ़ना शुरू हुआ संक्रमितों का आकंडा
चूड़ियों के शहर में कोरोना संक्रमण ने दो अप्रैल को दस्तक दी थी। दिल्ली से तब्लीगी जमात से आए सात जमातियों में से चार कोरोना पॉजिटिव मिले थे। संक्रमित केस अप्रैल और मई माह में अधिक नहीं थे। अप्रैल में महज 109 और मई में यह आंकड़ा 268 तक ही पहुंचा था। इसके पीछे मुख्य कारण लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराना भी था।
लोग घरों में कैद थे और पुलिस लाठी लेकर सड़कों पर थी, लेकिन अनलॉक की शुरुआत के साथ संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली। जून में संक्रमित केस 520 और जुलाई में 727 हो गए। जून-जुलाई में मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा। 31 जुलाई तक कोरोना से 41 लोग जान गंवा चुके थे।
अनलॉक-3 के साथ अगस्त में संक्रमण के आंकड़ों ने सभी रिकार्ड तोड़ दिए। जुलाई की तुलना में केस दोगुने बढ़कर अगस्त में 1523 हो गए। जैसे-जैसे अनलॉक होता गया, प्रशासन की सख्ती भी ढिलाई में तब्दील होती चली गई। अब तक 49 मौते हो चुकी हैं और सितंबर के छह दिनों में संक्रमितों की संख्या
1800 के पार हो गई है।