सीएम दीपिका और छात्रा काजल गुप्ता, बाएं से दाएं
- फोटो : अमर उजाला
संस्था सिकासा और भारतीय कंपनी सचिव संस्थान के पदाधिकारियों ने अमर उजाला के अभियान हिंदी हैं हम से प्रेरित होकर सीए और सीएस के छह हजार छात्र-छात्राओं को हिंदी में व्याख्यान दिलाने की व्यवस्था की है। वेबिनार और कार्यशाला भी हिंदी में ही कराए जाएंगे। इससे विद्यार्थी न केवल विषय की गहराई को समझ पाएंगे बल्कि अपनी मातृभाषा को बोलने में गर्व भी महसूस करेंगे।
सिकासा की अध्यक्ष सीए दीपिका मित्तल ने कहा कि अमर उजाला का ‘हिंदी हैं हम’ अभियान मातृभाषा का प्रचार-प्रसार कर रहा है। यह बेहद जरूरी भी है। हमें गर्व है कि हम हिंदीभाषी हैं। इसलिए हम यह व्यवस्था कर रहे हैं कि सीए और सीएस के छात्रों को अंग्रेजी के अलावा हिंदी में भी व्याख्यान दिलाए जाएं।
हमारी कोशिश रहती है कि हम सीए विद्यार्थियों के लिए अपने कार्यक्रम, व्याख्यान एवं वेबिनार अधिक से अधिक हिंदी भाषा में करें जिससे छात्र-छात्राएं आसानी से विषय की गहराई को समझ सकें। आने वाले समय में सिकासा आगरा सीए छात्र-छात्राओं में हिंदी भाषा एवं हिंदी साहित्य के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए आगरा के विभिन्न महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष एवं प्राध्यापक के मार्गदर्शन में वेबिनार और कार्यशाला भी आयोजित करेगी। सीए में कुल 3500
छात्र-छात्राएं हैं। इनमें से एक हजार हिंदी माध्यम से पढ़ाई करके आए हैं।
ललित अग्रवाल, अर्पित सूरी और, बाएं से दाएं
- फोटो : अमर उजाला
हिंदी में कराएंगे पढ़ाई की व्यवस्था
भारतीय कंपनी सचिव संस्थान के आगरा चैप्टर के अध्यक्ष सीएस अर्पित सूरी ने बताया कि अपनी मातृ भाषा को बढ़ाने के लिए छात्रों को हिंदी में भी पाठ्यक्रम की पढ़ाई में भी मदद की जाएगी। आगरा शाखा में किए जाने वाले सभी वेबिनार और कार्यशाला अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी आयोजित किए जा रहे हैं।
अमर उजाला के हिंदी हैं हम अभियान से प्रेरित होकर इसे और गति देने की योजना बनी है। कई छात्र हिंदी माध्यम से पास होकर संस्था में प्रवेश लेते हैं जिन्हें अंग्रेजी समझने में परेशानी होती है उनकी सहूलियत के लिए ज्यादा से ज्यादा व्याख्यान में हिंदी का प्रयोग बढ़ाया जाएगा। सीएस के कुल 2500 विद्यार्थी हैं। इनमें 800 हिंदी माध्यम से आए हैं।
हिंदी में व्याख्यान होने से मिलेगा लाभ
मैंने अपनी 12 वीं तक की पढ़ाई हिंदी माध्यम से की है। सीएस संस्थान में आई तो वहां अंग्रेजी समझने में दिक्कत होती थी, लेकिन आगरा शाखा के सदस्यों से प्रोत्साहन मिला। इधर, व्याख्यान हिंदी में भी आयोजित होने से लाभ मिलेगा। - काजल गुप्ता, सीएस, फाइनल की छात्रा।
हिंदी माध्यम से आने वाले छात्रों को अंग्रेजी से तालमेल बनाने में परेशानी आती है। ऐसे में संस्थान के हिंदी को लेकर होने वाले प्रयास सार्थक साबित होंगे। - ललित अग्रवाल, सीए छात्र।