आगरा में कोरोना की जांच कराते लोग
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आगरा में पिछले 24 घंटे में 645 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। सक्रिय मरीजों की संख्या अब 2699 पहुंच गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि लोग मास्क पहनकर निकलें और कोविड गाइड लाइन का पालन करें। अप्रैल 2021 में ताजनगरी में संक्रमण की दूसरी लहर आई थी। ऑक्सीजन, अस्पतालों में बेड, दवाओं को लेकर हाहाकार मचा था। दो साल के कोरोना काल में 31 अप्रैल को जिले में एक दिन में सबसे ज्यादा 793 संक्रमित मरीज मिले थे। 29 अप्रैल को 722 मरीज मिले थे। जिसके करीब नौ महीने बाद 12 जनवरी 22 को शहर में 652 संक्रमित मिले और अब 13 जनवरी को 645 मरीज मिले हैं। जनवरी में संक्रमितों का यह दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।
पूछताछ में 70 फीसदी संक्रमित बोले, हल्का जुकाम-खांसी थी, कोरोना का नहीं था आभास
तीसरी लहर में कोरोना वायरस के 70 फीसदी मरीजों में मामूली लक्षण हैं। इससे लोग गफलत में हैं और सामान्य वायरल समझकर जांच नहीं कराई और अंजाने में दूसरों को भी संक्रमित कर दिया। रैपिड रिस्पांस टीम की पूछताछ में संक्रमित यही बोले कि एक-दो दिन मामूली जुकाम-खांसी, बुखार आया। सर्दी के चलते सामान्य मानकर जांच नहीं कराई।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अभी 2096 संक्रमित मरीज हैं। इनमें से 2085 मरीज घरों में इलाज करा रहे हैं। इनमें से 1403 मरीजों के घर टीम पहुंची तो इनको हल्का जुकाम और एक दिन बुखार या फिर हल्की खराश और खांसी बताई। इन सभी को टीके का लगभग पहला-दूसरा डोज भी लग चुका है। इसे सामान्य मानकर दैनिक कार्य करते रहे। जब डॉक्टरों की टीम ने जांच की तो इनको सांस लेने में परेशानी नहीं मिली, धड़कन और ऑक्सीजन का स्तर भी सामान्य पाया। 25 से 28 फीसदी मरीजों में तो कोई लक्षण प्रतीत नहीं हो रहे थे। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद यह चौक भी गए। दो फीसदी संक्रमितों में हालत खराब है, जो कैंसर, टीबी समेत अन्य बीमारी से जूझ रहे हैं।
घरों में मिल रहे कई परिजन संक्रमित
रेपिड रिस्पांस टीम के डॉक्टर अंशुल पारिक ने बताया कि कोरोना वायरस के लक्षण सामान्य होने के कारण घरों में सामूहिक संक्रमण हो रहा है। रोजाना पांच से आठ परिवारों में लगभग सभी सदस्यों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई हे। इसमें बच्चों समेत बुजुर्ग शामिल हैं। राहत की बात है कि इनको अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी।
टीके के कारण मरीजों की नहीं हो रही हालत नाजुक
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायलॉजी विभाग के डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि दूसरी लहर में संक्रमण की दर तेजी से बढ़ रही है। राहत की बात है कि दूसरी लहर की तरह मरीजों की हालत नाजुक नहीं मिल रही। इसकी बड़ी वजह टीकाकरण है। ऐसे में टीका लगवाएं और कोविड नियमों के प्रति लापरवाह न बनें।