कोरोना वायरस: जांच के लिए सैंपल देते लोग
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सर्दी में कोरोना मरीजों की दर चार महीनों में सबसे कम मिली है। 27 दिनों में 801 मरीज मिले हैं और 602 ठीक हुए हैं। इस दौरान महज पांच ने ही दम तोड़ा है। विशेषज्ञ बता रहे हैं कि खतरा कम नहीं हुआ है, ऐसे में पूरी तरह से सावधानी और सतर्कता बरतते रहें।
अगस्त, सितंबर, अक्तूबर और नवंबर में 2.99 लाख लोगों की जांच करने पर 7,495 संक्रमित मिले थे। इन चार महीनों में मरीज मिलने का औसत रोजाना 65 मरीज का है। सर्दी में संक्रमण की दर दोगुनी होने की आशंका थी, लेकिन 27 दिसंबर तक 69 हजार लोगों की जांच करने पर 801 लोगों में ही वायरस की पुष्टि हुई है। इस तरह से इस महीने में रोजाना 31 मरीज मिलने का औसत रहा, जो बीते चार महीनों के मुकाबले आधे से भी कम हैं।
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27 दिन में पांच मरीजों की मौत
दिसंबर में संक्रमण से मरने वालों में भी भारी कमी आई। इन 27 दिन में पांच मरीजों ने ही दम तोड़ा है। बाकी के नौ महीनों में संक्रमण से 165 मरीजों ने दम तोड़ दिया था। इस तरह से औसतन हर महीने 18 मरीजों की मौत हुई।
वायरस को समझना आसान नहीं, खतरा कम नहीं: सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने कहा कि कोरोना वायरस का सही आकलन करना चुनौती बना हुआ है। सर्दी में संक्रमण कम होना राहत की बात है, लेकिन इसके प्रति लापरवाही न बरतें, खतरा कम नहीं हुआ है।
संक्रमण की दर कम, लेकिन न बरतें लापरवाही
कोरोना वायरस के पारा कम होने पर प्रभावी होने की आशंका जताई थी, लेकिन मरीजों की संख्या में तेजी नहीं आई, दर भी काफी कम हुई। यह बेहतर बात है, लोग अभी भी लापरवाही न बरतें और बिना मास्क के घर से बाहर न जाएं। -डॉ. राजीव उपाध्याय, निर्वाचित अध्यक्ष आईएमए
महीना नमूने मरीज
| मार्च |
849 |
12 |
| अप्रैल |
6080 |
441 |
| मई |
8313 |
439 |
| जून |
9293 |
380 |
| जुलाई |
29684 |
566 |
| अगस्त |
64771 |
1145 |
| सितंबर |
73016 |
2818 |
| अक्तूबर |
77235 |
1528 |
| नवंबर |
84228 |
2004 |
| दिसंबर |
69633 |
801 |