आगरा से मथुरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद सहित आसपास के जिलों को भी कोरोना वैक्सीन भेजी जाएगी। यहां स्वदेशी कोवाक्सिन, ऑक्सफोर्ड एस्टरजेनेका और ब्रिटेन की फाइजर कंपनी की वैक्सीन का भंडारण किया जाएगा। शासन स्तर पर तीनों कंपनियों से बातचीत चल रही है। अगले महीने वैक्सीन मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय जालमा संस्थान में डीप फ्रीजर लगाए गए हैं। इनमें वैक्सीन को -22 से -87 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जा सकता है। एसएन कॉलेज की टीकाकरण सेल और सीएमओ कार्यालय में भी भंडारण के लिए दो कक्ष बनाए हैं। जालमा में फाइजर वैक्सीन, स्वदेशी कोवाक्सिन सीएमओ ऑफिस और एसएन में एस्टरजेनेका की वैक्सीन का भंडारण हो सकता है। मथुरा, फिरोजाबाद, एटा, हाथरस, समेत आसपास के जिलों की वैक्सीन का भी यहीं भंडारण किया जाएगा। इन डीप फ्रीजर में 30 दिन तक वैक्सीन को सुरक्षित रखा जा सकता है।
16 हजार की बन रही रिपोर्ट
सीएमओ के अनुसार पहले चरण में सरकारी-प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, टेक्नीशियन, वार्ड ब्वॉय, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, एएनएम, आशा, आंगनवाड़ी केंद्र और टीकाकरण में शामिल अन्य टीमों को वैक्सीन लगाई जाएगी। अभी 16 हजार की सूची तैयार हो रही है, आगे चरणबद्ध नाम बढ़ाए जाएंगे।
जो वैक्सीन मिलेगी उसे अभियान में शामिल करेंगे
फाइजर, कोवाक्सिन वैक्सीन की बातचीत के मुताबिक भंडारण कक्ष बनाने का कार्य चल रहा है। जो भी वैक्सीन मिलेगी, उसे टीकाकरण अभियान में शामिल कर वैक्सीन लगाई जाएगी। -डॉ. आरसी पांडेय, सीएमओ
ऑक्सफोर्ड एस्टरजेनेका की वैक्सीन लगाने की भी सरकारी स्तर पर बात हुई है। स्वास्थ्य कर्मचारियों, पुलिसकर्मी, नगर निगम कर्मी, मीडियाकर्मियों समेत अन्य को वैक्सीन लगेगी। -डॉ. संजय काला, प्राचार्य
अत्याधुनिक डीप फ्रीजर मिल गए हैं
जर्मनी और स्वदेशी कंपनी के डीप फ्रीजर मिल गए हैं, यह अत्याधुनिक हैं और इसमें 30 दिन तक वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित रखी जा सकती है। इन फ्रीजर को स्थापित कर दिया गया है। -डॉ. श्रीपद पाटिल, निदेशक राष्ट्रीय जालमा कुष्ठ एवं अन्य माइक्रोबैक्टीरियल संस्थान