दो नए समेत सात अस्पताल सरेंडर
आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. पीके शर्मा ने बताया कि पिछले तीन महीने में चंद्रा हॉस्पिटल और रामरघु ने आयुष्मान योजना के पैनल से हटने के लिए प्रार्थनापत्र दिए हैं। कुल सात अस्पताल नाम वापस ले चुके हैं। अब 42 निजी, 18 स्वास्थ्य केंद्र और एसएन मेडिकल, मानिसक स्वास्थ्य संस्थान, लेडी लॉयल एवं जिला अस्पताल समेत कुल 64 अस्पतालों में ही आयुष्मान कार्ड धारक इलाज करा सकते हैं।
दो साल में 13437 लोगों ने अन्य बीमारियों का कराया इलाज
पिछले 24 महीनों में 13437 लोगों ने विभिन्न बीमारियों का आयुष्मान योजना से इलाज कराया है। परंतु 14 महीने में एक भी कोरोना संक्रमित लाभान्वित नहीं हो सका। जिले में 1.75 लाख परिवारों के 8.77 लाख लोग आयुष्मान भारत योजना में पात्र हैं। जिनमें 1.72 लाख लोगों के पास गोल्डन कार्ड हैं। मार्च 2020 से मई 2021 तक कोरोना काल में 12 लोगों ने लाभ लिया है। इनमें कोरोना संक्रमित एक भी नहीं।
शासन से होता है भुगतान
आयुष्मान भारत योजना में पहले कोरोना शामिल नहीं था। मार्च 2020 में इसे शामिल किया गया। आयुष्मान कार्डधारकों को 3600 रुपये में आईसीयू बेड और 1800 रुपये प्रति दिन खर्च पर सामान्य बेड अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाता है। पूरा इलाज कैशलेस है। सीएमओ से सत्यापित होकर अस्पतालों के बिलों का शासन से सीधे भुगतान होता है
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
भगा देते हैं अस्पताल
निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के पात्रों का इलाज नहीं करते। इनके इलाज में उनकी ज्यादा कमाई नहीं होती। इसलिए मरीजों को गेट से ही भगा देते हैं। - नरोत्तम शर्मा, संयोजक, जन प्रहरी
नहीं आई कोई शिकायत
मरीजों को इलाज नहीं मिलने की कोई शिकायत हमारे पास नहीं आई है। योजना से जुड़े अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश हैं कि कार्डधारक को लौटा नहीं सकते। - डॉ. पीके शर्मा, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत
नहीं आए कार्डधारक
कोविड अस्पतालों में आयुष्मान योजना के कार्डधारक नहीं आए। कोविड से पहले जरूर मरीज आते थे। दो साल से कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ। - राजीव उपाध्याय, उपाध्याय हॉस्पिटल
नहीं मिली कोई शिकायत
आयुष्मान कार्ड धारक को अस्पताल से भगाने या इलाज नहीं करने की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर किसी के साथ ऐसा हुआ है तो वह लिखित में अपनी शिकायत दर्ज कराए। - डॉ. आरसी पांडेय, सीएमओ
रद्द करेंगे पंजीकरण
इस तरह के मामलों की जांच कराई जाएगी। शिकायत सही मिलने पर ऐसे अस्पतालों का पंजीकरण रद्द किया जाएगा। कोई अस्पताल आयुष्मान योजना में इलाज से मना नहीं कर सकता। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
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