मैनपुरी। विकास खंड कुरावली के पूर्व माध्यमिक विद्यालय छतारी की सहायक अध्यापिका ने बीएसए को शिकायती पत्र भेज कर इंचार्ज प्रधानाध्यापक पर होम आइसोलेट होने के बाद भी कोरोना संक्रमित पति के साथ विद्यालय आने का आरोप लगाया है। साथ ही अवकाश के दिन भी हस्ताक्षर करने की बात कही है। बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्ति करते हुए सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय छतारी की सहायक अध्यापिका कल्पना यादव ने मंगलवार को बीएसए को शिकायती पत्र भेजते हुए बताया कि विद्यालय में तैनात इंचार्ज प्रधानाध्यापिका अंशु गुप्ता 11 सितंबर को अवकाश पर थीं। उन्होंने बताया कि उनके पति और बेटा कोरोना संक्रमित हैं, जिसके चलते उन्हें 11 सितंबर से 28 सितंबर तक होम आइसोलेट किया गया है। इसकी सूचना उन्होंने बीएसए को दे दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 सितंबर को अंशु गुप्ता अपने कोरोना संक्रमित पति के साथ विद्यालय आईं और 11 सितंबर को अवकाश पर होने के बाद भी हस्ताक्षर कर दिए।
खंड शिक्षाधिकारी सुमित कुमार वर्मा के निर्देश पर अंशु गुप्ता को उपस्थिति रजिस्टर पर 14 सितंबर से 28 सितंबर तक होम आइसोलेट दर्ज किया गया, लेकिन अंशु गुप्ता 22 सितंबर को अपने पति के साथ फिर स्कूल पहुंची और होम आइसोलेट काटकर उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर दिए। आरोप है कि उन्होंने अगले तीन दिन का आकस्मिक अवकाश भी उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज कर दिया। जबकि होम आइसोलेट की अवधि 28 सितंबर को समाप्त हो रही थी। 26 सितंबर को अंशु गुप्ता अपने पति के साथ फिर से विद्यालय पहुंची और उपस्थिति रजिस्टर पर 28 सितंबर से अगले एक माह तक बाल्यकाल अवकाश लिखकर चली गईं। सहायक अध्यापिका कल्पना यादव ने बीएसए को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे गए अवकाश के संदेश और खंड शिक्षाधिकारी के निर्देश की प्रति के साथ जांचकर कार्रवाई की मांग की है।
मामला संज्ञान में है। खंड शिक्षाधिकारी सुमित कुमार वर्मा को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आते ही संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। - विजय प्रताप सिंह, बीएसए
12 सितंबर की सुबह पति के कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी नहीं थी। वह मुझे छोड़ने गए थे। 21 सितंबर को होम आइसोलेशन समाप्त हो गया था। - अंशु गुप्ता, इंचार्ज प्रधानाध्यापिका