उत्तर प्रदेश के आगरा में दो साल के मासूम की सांस नली से होता हुआ मक्का का दाना फेफड़े में फंस गया। बच्चे की जान पर बन आई। एसएन मेडिकल कॉलेज में ब्रोंकोस्कोपी कर दाना निकाला गया। बच्चे की हालत में सुधार होने पर परिजन ने राहत की सांस ली।
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ईएनटी रोग विभाग के डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि फिरोजाबाद निवासी शाकिर अपने दो साल के बेटे शुभान को बुधवार दोपहर इमरजेंसी लेकर आए। बताया कि मक्का खाने को दी थी। एक दाना सांस नली में फंस गया। एक्सरे में बाएं फेफड़े में मक्का के दाना से रुकावट हो गई थी।
एनेस्थीसिया और ईएनटी विभाग की टीम ने ब्रोंकोस्कोपी कर मक्का का दाना निकाला। अब बच्चा सांस ले पा रहा है और उसकी हालत ठीक है। बृहस्पतिवार को बच्चे को डिस्चार्ज किया जाएगा। टीम में एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. सुशांत सिंह और ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेरणा भी रहीं।
दानेदार सामग्री खिलाने से बचें
डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि शिशुओं को मूंगफली का दाना, चना, मटर, मक्का का दाना आदि दानेदार सामग्री खिलाने से बचें। इसके बारीक टुकड़े कर अपनी निगरानी में खिलाएं। बेहद छोटे खिलौने, कंचे समेत अन्य सामग्री भी न दें। सांस नली या फेफड़े में फंसने से जान जाने का खतरा रहता है।