आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित एक पांच सितारा होटल के एक कर्मचारी के खिलाफ धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए लखनऊ में अधिकारियों से शिकायत की गई। मामले की जांच लखनऊ एटीएस को सौंपी गई थी। एक महीने पहले एटीएस ने आकर जांच की। आरोपी कर्मचारी के बारे में होटल के अन्य कर्मचारियों से जानकारी जुटाई गई। उसके परिजन से भी पूछताछ की गई मगर आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी है। शिकायतकर्ता का नाम और पता भी गलत निकला। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। हालांकि, जांच अभी जारी है।
मामला दो माह पुराना है। फतेहाबाद रोड पर स्थित होटल में दूसरे जिले का व्यक्ति काम करता है। शिकायत में कहा गया था कि वह कई लड़कियों को अपनी बातों में फंसाकर धर्मांतरण करा चुका है। बाहरी लोग भी आकर उसके यहां रुकते हैं। शिकायत के आधार पर लखनऊ एटीएस जांच के लिए होटल पहुंची। होटल प्रबंधन के लोगों से बात की। कर्मचारी के खिलाफ पहले कोई शिकायत नहीं थी। इस तरह का मामला भी किसी को पता नहीं था। बाद में अन्य कर्मचारियों से भी बात की गई। सभी ने इस तरह की जानकारी से इन्कार किया।
सूत्रों के अनुसार, कर्मचारी के परिजन को बुलाकर भी बयान दर्ज किए गए। कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट भी खंगाली गई लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि वह किसी तरह धर्मांतरण के मामले में लिप्त है। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी गई।
बताया जा रहा है कि शिकायत के पीछे होटल के ही किसी अन्य कर्मचारी का हाथ हो सकता है क्योंकि शिकायतकर्ता ने अपना नाम-पता फर्जी लिखाया था। मोबाइल नंबर भी नहीं था। कर्मचारी के खिलाफ झूठी शिकायत कर नौकरी से निकलवाने की साजिश भी हो सकती है। इस पर स्थानीय स्तर पर जांच की जा रही है।
आगरा में आ चुके हैं धर्मांतरण के कई मामले
आगरा में धर्मांतरण के कई मामले सामने आ चुके हैं। सदर क्षेत्र की रहने वाली दो बहनों को कोलकाता ले जाया गया था। उनका धर्मांतरण कराया गया था। मामले में पुलिस की कई टीमें लगी थीं। बहनों की तलाश करने के बाद धर्मांतरण मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद शाहगंज के केदार नगर में धर्मांतरण का मामला सामने आया था। पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके अलावा एसएन मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर चुके लखनऊ के डॉक्टर रमीज के युवती का धर्मांतरण कराने की पुष्टि हुई थी। इस मामले में भी पुलिस और एसटीएफ ने जांच की थी।