बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर फेंसिंग के कार्य में लगी फर्म ने राजमिस्त्री और मजदूरों की सप्लाई करने वाले ठेकेदार पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। मामले में थाना शाहगंज में मुकदमा दर्ज किया गया है। फर्म के प्रोपराइटर पर 96 लाख रुपये लेकर गलत बिल देने का आरोप है। इसके बाद बिलों को शून्य दिखाकर सरकारी पैसे का गबन किया।
वेस्ट अर्जुन नगर, शाहगंज निवासी अभिनव शर्मा अंबिका एंटरप्राइजेज, लोटस टावर, ताजनगर फेज-2 के प्रोपराइटर हैं। फर्म कंस्ट्रक्शन का ठेका लेती है। उन्हें एपीसीओ इंफ्रास्ट्रक्चर से बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की फेंसिंग का कार्य मिला था। उन्होंने 1 मई 2021 को मजदूर भेजने का ठेका गांव सिकरारा, फतेहाबाद रोड की एसआरके कंस्ट्रक्टर एंड सप्लायर को दिया था। इस फर्म के प्रोपराइटर रविंद्र सिंह हैं। एसआरके कंस्ट्रक्टर को साइट पर राजमिस्त्री और मजदूर से खंभे निर्माण कराना और कंटीले तार बंधवाने थे। कार्य के लिए तार, खंभे, सीमेंट व चंबल बालू वादी की फर्म को देने थे।
अब तक इस फर्म को 96.44 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। आरोप है कि एसआरके कंस्ट्रक्टर ने कार्य से संबंधित बिल देने में काफी देर की। मार्च 2023 में जो बिल दिए उन पर कोई भी विवरण और मात्रा का जिक्र नहीं किया। इसके बारे में पूछने पर कांट्रेक्टर ने अभद्रता कर दी। काम पूरा होने पर एसआरके कांट्रेक्टर के बिलों का हिसाब एपीसीओ इंफ्रास्ट्रक्चर के हिसाब से कम मिला। आरोप है कि इस संबंध में वार्ता करने पर धमकी दी। इंटरनेट पर मीडिया पर वीडियो डालकर उन्हें बदनाम करना शुरू कर दिया।
आरोपी ने जीएसटी पोर्टल पर बिलों को शून्य दिखाकर सरकार और उनके करीबन 19.13 लाख रुपये का गबन कर लिया। एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी का कहना है कि साक्ष्य संकलन किया जाएगा। कार्य से संबंधित बिल लिए जाएंगे। इसके बाद कार्रवाई होगी।