आगरा के स्वास्थ्य विभाग में 2024-25 सत्र के लिए नए 22 चिकित्सकीय संस्थान के आवेदन आए हैं। इनके लाइसेंस पर आचार संहिता खत्म होने के बाद निर्णय लिया जाएगा। एक डॉक्टर ने दो-दो अस्पताल और लैब के लिए आवेदन किया है। इनको शपथ पत्र भी देना होगा। इनकी समिति जांच करेगी। अस्पताल का स्थान, डॉक्टर बदलने और दागी अस्पतालों का ऑडिट होगा।
सीएमओ डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि 30 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि थी। बीते साल 1261 अस्पताल, लैब, क्लीनिक और रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर पंजीकृत थे। इस बार 1283 के आवेदन आए हैं। स्थान परिवर्तित हुए अस्पताल और पैथोलॉजी लैब, डॉक्टरों का पैनल बदलने वाले और दागी अस्पताल- लैब का ऑडिट कराया जाएगा। बुधवार से लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन आए चिकित्सकीय संस्थानों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन शुरू हो जाएगा। मानक और प्रमाणपत्र पूरे होने पर ही लाइसेंस का नवीनीकरण होगा।
नए 22 अस्पताल के आवेदन आए हैं। आचार संहिता खत्म होने के बाद टीम भौतिक निरीक्षण करेगी। जरूरी मानक मिलने पर लाइसेंस जारी होगा। कई डाक्टरों ने दो-दो अस्पताल और पैथोलॉजी लैब के लिए आवेदन किया है। इन डॉक्टरों से शपथ पत्र लिया जा रहा है, जिसमें दोनों चिकित्सकीय संस्थानों में सेवा देने का समय मांगा है। इन सभी की जांच करने के लिए एक समिति भी बनाई जा रही है। टीम निरीक्षण करने भी जाएगी। गड़बड़ी और मानक पूरी नहीं मिलने पर लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।