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UP: आईजी के बंगले की जमीन पर कब्जा दिलाने का भी लिया गया था ठेका, जांच में हुआ बड़ा खुलासा

Fri, 20 Jun 2025 08:28 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के बालूगंज स्थित आईजी-डीआईजी बंगले के जमीन का एग्रीमेंट होने के बाद बिग डैडी फर्म के सदस्य सनी जैन ने सौरभ बंसल को आश्वस्त किया था कि वह जमीन पर कब्जा दिलवा देगा। सरकारी भूमि है, किसी अधिकारी की जमीन नहीं है। इसके बाद थाईलैंड में गैंग के सदस्यों ने पार्टी भी की थी।
 
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agra police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के बालूगंज स्थित आईजी-डीआईजी के बंगले की 6,890 वर्गमीटर भूमि के संबंध में 25 जून 2024 को एक पंजीकृत इकरारनामा हुआ था। इकरारनामा सौरभ बंसल और शाहिद रजा के नाम हुआ था। 12 करोड़ में जमीन का सौदा हुआ था। इकरारनामा के समय 30 लाख रुपये बयाना दिया गया था। 24 लाख रुपये के स्टांप आए थे।
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बड़ी अथाई, नाई की मंडी निवासी इकबाल खां, फिरोज खान, फैजल खान, दिलशाद खां, इरशाद, अजरा खान, अलीशा खान, अलीबा खान, हीबा खान, सना खान ने इकरारनामा किया था। बेलनगंज निवासी प्रशांत जैन व छीपीटोला निवासी राजीव कुमार जैन गवाह बने थे। जमीन के इस फर्जीवाड़े के सामने आने से पुलिस अफसर परेशान हैं। जब सरकार की जमीन को भूमाफिया नहीं छोड़ रहे हैं तो आम आदमी की जमीन पर कब्जा कितना आसान है।
आईजी ने निरस्त करवाया था नामांतरण

 

पुलिस को एग्रीमेंट की जानकारी अगस्त 2024 में हुई थी। गैंग के सदस्य सनी जैन ने लखनऊ में एक प्रार्थनापत्र देकर जमीन खाली कराने के लिए कहा था। तत्कालीन आईजी रेंज दीपक कुमार ने प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजकर नामांतरण निरस्त कराया था।

 

पुलिस के मुताबिक उस समय सनी जैन ने सूचना के अधिकार के तहत कई जानकारियां मांगी थीं। सौरभ बंसल और उसके साथियों में रुपयों के लिए फूट पड़ गई थी। अपने सरपरस्त एक बर्तन वाले से सनी जैन की बिगड़ गई। पुलिस को मौका मिल गया। केस लिखने का दौर शुरू हो गया।

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दो केस लिखे जा चुके हैं मगर बर्तन वाला अभी बचा हुआ है। पुलिस को छानबीन में पता चला है कि सनी जैन की बड़े लोगों से पहचान कराने में उसकी अहम भूमिका रहती थी। पुलिस अब परदे के पीछे हो गए बर्तन वाले की भी जांच करेगी। मामला लखनऊ तक पहुंच गया है।

जमीन कब्जाने सामने आ चुके 12 बेदरिया
आगरा। ताजगंज थाने में सनी जैन और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी, एससी/एसटी, जानलेवा हमले की धाराओं के तहत एक और केस दर्ज किया गया है। केस गांव लकावली निवासी रमेशचंद ने लिखाया है। उनका आरोप है कि 50 साल पहले उसके चाचा बेदरिया लापता हो गए थे। पिता श्रीराम ने दीवानी में उनकी मृत्यु की घोषणा का दावा प्रस्तुत किया हुआ है।

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फिरोजाबाद निवासी चेतराम को बेदरिया बनाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। उसके बेदरिया से .4170 हेक्टेयर जमीन का सनी जैन, पुरुषोत्तम सिंह उर्फ शिवा, अनुराग तिवारी ने एग्रीमेंट करा लिया। आरोपी बाउंसरों को लेकर जमीन पर कब्जा लेने आते हैं। धमकाते हैं।

आरोपियों का दोस्त कपिल अग्रवाल भी धमकी देने आता था। बेदरिया के भतीजे ने बताया कि उनकी इस बेशकीमती जमीन पर कब्जे के लिए 20 साल में भूमाफिया 12 बेदरिया ला चुके हैं। बेदरिया का आधार, पैन और वोटर कार्ड तक फर्जी बनवाते हैं, इसके बाद जमीन का सौदा कराते हैं। लेकिन अभी तक कब्जा नहीं होने दिया है।
 
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