आगरा। छत्रपति शिवाजी म्यूजियम निर्माण की कछुआ चाल से आगरा के प्रभारी एवं पर्यटन मंत्री के दावों पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। नौ साल से अधूरे म्यूजियम का पर्यटन मंत्री ने जनवरी में दौरा किया था। तब दिसंबर 2025 तक इसके निर्माण की बात कही गई थी। लेकिन, अब यह मियाद दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। धरातल पर म्यूजियम का सिर्फ नौ साल पुराना ढांचा ही खड़ा है।
ताजमहल पूर्वी गेट से करीब 800 मीटर दूर शिल्पग्राम के पास बन रहे इस म्यूजियम का शिलान्यास वर्ष 2016 में हुआ था। तब लागत 111 करोड़ रुपये थी। नौ साल बाद लागत 179 करोड़ रुपये पहुंच गई है। 2016 में मुगल म्यूजियम नाम था जिसे बदलकर वर्ष 2020 में योगी आदित्यनाथ ने छत्रपति शिवाजी म्यूजियम कर दिया। लेकिन, म्यूजियम का निर्माण अभी अधर में फंसा है। सीएम योगी कह चुके हैं कि जनवरी 2026 तक म्यूजियम शुरू हो जाएगा। शनिवार को अमर उजाला टीम ने म्यूजियम की पड़ताल की, तो काम बंद मिला। ढांचा जैसा पहले था, वैसा ही खड़ा था। सिर्फ सफाई और झाड़-फूस साफ हुए हैं। एक नई ईंट नहीं लगी। यह हाल तब है, जब अगस्त में निरीक्षण के बाद डीएम ने दिन-रात मजदूर लगाकर कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए थे।
कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम महाप्रबंधक अनुराग सिंह ने बताया कि कार्य शुरू कराया जा रहा है। ठेकेदार फर्म को विभिन्न अनुमतियां लेनी पड़ रही है। 800 मीटर की म्यूजियम की चहारदीवारी बनेगी। प्री-कास्ट स्लैब डाली जाएंगी। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2026 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। उधर, जन प्रहरी संस्था संयोजक नरोत्तम सिंह शर्मा ने आरोप लगाए कि राजकीय निर्माण निगम अधिकारियों की लापरवाही से काम अधूरा पड़ा है। मुख्यमंत्री, पर्यटन मंत्री और मंडलायुक्त से लेकर डीएम तक के निर्देशों को निर्माण निगम के अधिकारी हवा में उड़ा रहे हैं।