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आगराः हेड मोहर्रिर ने तनाव में उठाया कदम, शहर के थाने में कराना चाहते थे तबादला

Tue, 27 Aug 2019 12:04 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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जितेंद्र सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
थाना कागारौल के हेड मोहर्रिर जितेंद्र सिंह ने 17 सितंबर 2018 को भी आत्महत्या की कोशिश की थी। तब पंखे से बांधी रस्सी टूट गई थी। उनके कमरे के बाहर चाय का खोखा चलाने वाले युवक ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया था। पांच दिन अस्पताल में भी भर्ती रहे। इसके बाद परिवार वालों ने उन्हें समझाया था। परिचितों और पुलिस सूत्रों ने बताया कि जितेंद्र सिंह ने थाना कागारौल से शहर के थाने में तबादला कराने के लिए चार महीने पहले एसएसपी आफिस में प्रार्थना पत्र दिया था। पेशकार से भी मिले थे। 


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एसएन की इमरजेंसी पर मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला
जन्माष्टमी पर वह घर आए थे। रात में पूजा की। रविवार को ही थाना कागारौल आए थे। रात में नौ बजे बड़े बेटे सचिन से फोन पर बात की। इस दौरान डेढ़ साल के नाती से भी दस मिनट तक  बात करते रहे। पत्नी सुधा से भी हाल चाल पूछा था। बेटे जितेंद्र ने बताया कि रात में ऐसा क्या हुआ, जो पिता ने आत्महत्या कर ली? इसके बारे में कुछ पता नहीं है। उन्होंने पुलिस से जांच की मांग की।
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एसएन की इमरजेंसी पर मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला
आवास विकास कॉलोनी निवासी जितेंद्र सिंह के दो बेटे हैं। इनमें बड़ा सचिन दिल्ली में रेलवे में इंजीनियर है। छोटा बेटा भूपेंद्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। बेटी की शादी होने वाली है। पिता घनश्याम सिंह सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। पत्नी सुधा देवी पति की मौत से सदमे में हैं। जितेंद्र सिंह की तैनाती 1992 में जीआरपी में हुई थी। वह पांच साल तक जीआरपी में रहे। इसके बाद 1997 में सिविल पुलिस में आ गए। इसके बाद थाना शाहगंज, खेरागढ़ के अलावा कई थानों में भी रहे हैं।

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मौके पर पहुंचे पुलिस अफसर - फोटो : अमर उजाला
बेटे सचिन ने बताया कि पिता की मौत की जानकारी सुबह नौ बजे दी गई थी। एसओ ने बताया था कि पिता को एसएन अस्पताल लेकर आ रहे हैं। एक दरोगा को फोन किया तो वह ककुआ में मिल गए। अस्पताल लाए तो पिता की मौत हो चुकी थी। कमरे में क्या-क्या मिला यह नहीं बताया गया? फोरेंसिक टीम भी उनकी जानकारी के बिना ही आई। एसओ थाना कागारौल ने बताया कि जितेंद्र सिंह ने पहले प्लास्टिक की रस्सी से आत्महत्या का प्रयास किया था। वह टूट गई थी। मगर, इस बार वह नई मोटी रस्सी खरीदकर लाए थे। वहीं शटर भी पूरा बंद कर लिया था। उनके कमरे के बाहर चाय की दुकान लगाने वाले युवक भी नहीं था। 
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उपनिरीक्षक देवी सिंह का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि विगत दिवस कासगंज जनपद में भी पुलिस सब इंस्पेक्टर ने खुदकुशी की थी। पटियाली कोतवाली की दरियावगंज चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक देवी सिंह मूल रूप से मथुरा जिले की राया कोतवाली क्षेत्र के गांव महावन के रहने वाले थे। देर रात एसआई ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी।
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