आगरा में नगर निगम ने नाला सफाई पर 11 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन रविवार को एक घंटे की बारिश से शहर पानी से लबालब हो गया। अगर मुंबई की तरह एक ही दिन में 100-150 मिमी बारिश हो जाए तो क्या होगा? इन हालात में यही लग रहा है कि कई दिन के लिए शहर घरों में कैद होकर रह जाएगा। जलभराव से कारोबार पर तो असर पड़ा ही, ट्रैफिक भी रेंग रेंगकर चला। क्या बाइक, क्या कार और क्या एंबुलेंस... सब बंद हो गए। लोग इनमें धक्का लगाते नजर आए। मुसीबतें और भी आईं। तस्वीरें इन्हें बयां कर रही हैं....
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पानी निकालने के लिए लगाया गया जेट पंप
- फोटो : अमर उजाला
सिर्फ 39 मिमी बारिश में ही रविवार को आधा शहर तालाब जैसा नजर आने लगा। बादल एक घंटे जमकर बरसे जबकि सड़कों पर भरा पानी चार घंटे बाद भी नहीं निकल सका। दो से ढाई फुट तक पानी भरा। नगर निगम को 27 जगह जेट पंप लगाने लगे। इसके बावजूद पानी नहीं निकला।
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सड़क पर जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को पहले सुबह रिमझिम हुई। इसके बाद दोपहर को ढाई बजे झमाझम हुई। साढ़े तीन बजे बारिश थम गई। जिधर देखो, तालाब जैसा नजारा था। बिजलीघर पर ढाई फुट पानी भरा था। शहर की धड़कन कही जाने वाली एमजी रोड पर पानी भर जाने से ट्रैफिक रेंग रहा था। मदिया कटरा पर मानसिक आरोग्यशाला के सामने सड़क पर दो फुट तक पानी भरा था। कार और बाइक का काफी हिस्सा डूब रहा था।
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दुकानदारी भी हुई ठप
- फोटो : अमर उजाला
आवास विकास, करकुंज, मदिया कटरा, नाला पुलछिंगा मोदी की मलिन बस्तियां, सेंट जोंस चौराहा, शाहगंज, गैलाना रोड स्थित चंद्रानगर में भी जिंदगी की रफ्तार मानो थम सी गई थी। दुकानदार दुकानों से पानी बाहर निकालने में लगे थे। रात के आठ बज गए लेकिन पानी नहीं निकला।
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मानस नगर में मंदिर के चारों ओर भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
बोदला सेक्टर एक के श्रीराम आदर्श पार्क, राजेश्वर मंदिर के पास रश्मि विहार, फतेहाबाद रोड, आवास विकास कॉलोनी आदि जगह शनिवार को हुई बारिश का पानी भरा हुआ था। शहर के कुछ स्थानों पर रास्ता कच्चा होने की वजह से कीचड़ हो गई। इससे क्षेत्रीय लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग फिसल रहे हैं, चोट भी लग रही है।
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ऐसे जूझते दिखे शहरवासी
- फोटो : अमर उजाला
रश्मि विहार की खुशबू गोयल ने बताया कि शनिवार को हुई बारिश का पानी घरों तक आ गया, यह रविवार को भी नहीं निकला। रास्ता कच्चा होने कीचड़ हो गई है। सिंधी पंचायत आवास विकास कॉलोनी के जगदीश डोडानी ने बताया कि घर के बाहर पार्क जिसमें शनिवार को हुई बारिश का पानी भरा हुआ है। उससे बदबू आ रही है।
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सड़क पर सैलाब जैसे हालात
- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम ने नाला सफाई पर 11 करोड़ रुपये खर्च किए। दावा किया कि अगर एक दिन में 80 मिमी पानी भी बरस जाए, तो भी शहर में ज्यादा से ज्यादा 30 मिनट ही जलभराव रहेगा। अब पोल खुल रही है। नाले साफ किए गए तो पानी क्यों भर रहा है?
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साकेत कॉलोनी के चौराहे पर बैठे बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
शहर में 446 छोटे-बड़े नाले हैं। इनमें 11 नाले अंडरग्राउंड है। लोगों का कहना है कि पिछले सालों की तुलना में इस वर्ष अधिक जलभराव हो रहा है। शहर के चर्च रोड पर करीब तीन फुट पानी भरा हुआ था। सूरसदन पर जलभराव न हो, इसके लिए अंडरग्राउंड नाला बनाया गया है। बावजूद इसके बारिश के बाद यहां सड़क तालाब में तब्दील हो गई।
जब शहर के हालात को लेकर नगर आयुक्त अरुण प्रकाश से सवाल पूछे गए तो उन्होंने यह जवाब दिए-
सवाल : पूरे शहर में पानी भरा हुआ है? नगर निगम क्या कर रहा है?
जवाब : एक साथ झमाझम बारिश होने पर पानी भरा है, ज्यादातर स्थानों पर आधा से एक घंटे में पानी निकल गया है।
सवाल : नाले चौक होने की वजह से पानी निकल नहीं पा रहा है?
जवाब : नालों की सफाई पूरे वर्ष होती है, अगर कहीं बारिश में एक साथ कूड़ा आने से नाला चौक हुआ है तो वहां पहुंचकर टीम साफ भी करती है।
सवाल : ऐसी कैसी सफाई है जो तीन से चार घंटे तक पानी जमा रहता है सड़कों पर?
जवाब : नाले पूरे वर्ष साफ हो रहे हैं। सिर्फ क्षमता कम होने की वजह से जलभराव होता है।
सवाल : लोगों का कहना है कि इस वर्ष पानी अधिक भर रहा है।
जवाब : पानी जल्दी निकाला जा सके, इसके लिए जेट पंप लगाए गए हैं।