फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: डीआईजी के बंगले की जमीन बेचने की ऐसी साजिश...तीन मुकदमे हुए दर्ज, गिरफ्तारी नहीं हो सकी

Mon, 23 Jun 2025 06:54 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के बालूगंज स्थित आईजी-डीआईजी के बंगले के बेचने की साजिश रची गई। सौदा भी हुआ। जांच में खुलासे के बाद तीन मुकदमे तो दर्ज हुए, लेकिन गिरफ्तारी कोई भी न हो सकी। 
 
विज्ञापन
आगरा पुलिस, पुलिस आयुक्त, agra police, police commissioner - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा के बालूगंज स्थित आईजी-डीआईजी के बंगले की चहारदीवारी के अंदर मौजूद बेशकीमती जमीन को बेचने की साजिश तीन बार की गई थी। इस मामले में रकाबगंज और नाई की मंडी थाने में तीन केस दर्ज हो चुके हैं। इसके बावजूद कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ है। विवेचना एक कदम आगे नहीं बढ़ सकी है।
विज्ञापन



 
Trending Videos

इस मामले में 16 मई को कोर्ट के आदेश पर थाना नाई की मंडी में दो केस दर्ज हुए थे। यह दयालबाग स्थित प्रतीक्षा एन्क्लेव निवासी राकेश कुमार ने लिखाए थे। इन इकबाल खां, इरशाद खां, फिरोज खां, दिलशाद खां, फैसल खां आरोपी हैं। इन्होंने दो इकरारनामे किए थे। तीसरा इकरारनामा इन्हीं लोगों ने साैरभ अग्रवाल और शाहिद रजा के नाम पर किया था।

 

रकाबगंज थाने में एक केस खुद अपने नाम एग्रीमेंट कराने वाले सौरभ बंसल ने दर्ज कराया है। इसमें तीन आरोपी हैं। तीनों के नाम कोई एग्रीमेंट नहीं है। आरोप है कि गलत जमीन का सौदा कराया। रुपये ठग लिए गए। तीनों केस में अभी तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।


 

पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने तीनों केस की समीक्षा की जिम्मेदारी अपर पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह को दी है। उनके निर्देश पर विवेचकों ने आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं। जमीन के एग्रीमेंट से संबंधित दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं, जिससे कार्रवाई की जा सके।

 
विज्ञापन

वसीयत के आधार पर 5 ने कराया नामांतरण
बालूगंज स्थित 6 बीघे से अधिक जमीन पर बने डीआईजी के बंगले में नजूल की भूमि के साथ एक खेवट भी है। खेवट में पहले हबीब उर रहमान का नाम दर्ज था। पहले हबीब उर रहमान का नाम हटाकर खलीलुल रहमान का नाम जोड़ा गया। 14 फरवरी 2012 की खलीलुल रहमान की एक वसीयत के आधार पर पांच लोगों ने नामांतरण कराया। इसमें बताया गया कि खलीलुल रहमान का इंतकाल हो गया। नामांतरण से पहले जमीन के दो एग्रीमेंट किए गए थे। यह एग्रीमेंट भी उन्हीं लोगों ने किए थे, जिनके नाम नामांतरण हुआ था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें