फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वर्षों बाद बन रहा योगों का संगम, माना जा रहा बेहद लाभप्रद

विज्ञापन
खेतों में फूली सरसों वसंत को दे रही है संकेत। - फोटो : MAINPURI
विज्ञापन
कासगंज। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को वसंत पंचमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा का विधान है। इस साल शनिवार को वसंत पंचमी पर्व है। वर्षों बाद योगों के संगम का संयोग बन रहा है, जो बेहद लाभप्रद माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्य की माने तो इस दिन विधि विधानपूर्वक पूजा-अर्चना करने से मां सरस्वती की अनुकंपा बरसेगी।
विज्ञापन

बसंत पंचमी के दिन ज्ञान और विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा होती है। इस पंचमी को सरस्वती पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। हिंदी पंचांग के मुताबिक 5 फरवरी शनिवार को वसंत पंचमी पर्व है। यह पर्व इस बार बेहद शुभ मुहूर्त में है। सिद्ध, साध्य एवं रवि योग का इस पर्व पर संगम है। इस संगम की वजह से इस पंचमी पर शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले लेने व शिक्षा शुरू करना बेहद शुभ माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्य ने विधि विधानपूर्वक पूजा-अर्चना के उपाय सुझाते हुए लोगों को तरीके बताए हैं।
यह भी है मान्यता
मां सरस्वती की पूजा के इस दिन से शिक्षा और किसी नई कला की शुरूआत करना भी शुभ माना जाता है। इस दिन कई लोग गृहप्रवेश भी करते हैं। माना जाता है कि इस दिन कामदेव अपनी पत्नी रति के साथ पृथ्वी पर आते हैं। इसलिए इस दिन भगवान कामदेव व देवी रति की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में अड़चन नहीं आतीं।
विज्ञापन

इस तरह करें
ज्योतिषाचार्य रामबल्लभ शास्त्री का कहना है कि इस दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। त्रिवेणी योग के संगम के चलते पूजा का महत्व और बढ़ गया है। मां सरस्वती को इस दिन पीले रंग के वस्त्र, पीले पुष्प, गुलाल, अक्षत, धूप, दीप आदि अर्पित करें। इस दिन मां सरस्वती कमल पर विराजमान होकर हाथ में वीणा लेकर प्रकट हुईं थीं। मां सरस्वती की पूजा बेहद फलदायी रहेगी। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त से पहले तक पूजा बेहद शुभ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें