जितेंद्र बघेल 11 मार्च की शाम लापता हुए थे। परिजन ने बताया कि वह दुकान बंद करके घर आए थे। कुछ देर बाद गुटखा खरीदने के लिए घर से निकले थे। मगर, वह लौटकर नहीं आए। पत्नी नीतू ने 12 मार्च को पति की गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए थाना जगदीशपुरा में तहरीर दी। पुलिस भी तलाश कर रही थी।
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गुमशुदगी दर्ज होने से पहले ही जितेंद्र बघेल का शव फरह (मथुरा) क्षेत्र में हाईवे किनारे गांव भीमनगर के समीप मिल गया। फरह पुलिस ने पहचान न होने पर अज्ञात में शव पोस्टमार्टम हाउस भेजा था। सूचना पर शनिवार को जितेंद्र के परिजन मथुरा गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जितेंद्र की हत्या गला घोंटकर होना आया।
किसी को बचा तो नहीं रही पत्नी
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि व्यापारी की मां चंद्रवती ने बेटे की हत्या की तहरीर दी है। इसमें बहू नीतू और उसके मायके वालों को नामजद किया है। पुलिस की पड़ताल में पता चला कि नीतू का मायका सिकंदरा क्षेत्र में है। नीतू को हिरासत में लिया। उसने पूछताछ में बताया कि गला घोंटकर पति की हत्या की थी। इसका कारण बताया कि पति आए दिन मारपीट करता था। इससे वो परेशान थी।
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ऑटो से शव को मथुरा लेकर गई थी। मगर, सवाल उठ रहा है कि महिला अकेले हत्या करके शव ठिकाने नहीं लगा सकती। इसमें कोई और भी शामिल हो सकता है। वह काैन लोग हैं। इस बारे में पता किया जा रहा है। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है। ऐसा भी हो सकता है कि वह किसी को बचाना चाहती है।
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पुलिसकर्मियों ने दिया कंधा
रविवार दोपहर को शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। इसकी जानकारी पर थाना जगदीशपुरा पुलिस भी पहुंच गई। जितेंद्र बघेल के तीन बच्चे हैं। इनमें बेटी 12 साल की है। वह भी रोये जा रहे थे। पुलिस ने पत्नी को हिरासत में ले लिया है। मृतक की मां और बहनों का बुरा हाल था। उन्हें परिवार के लोग संभाल रहे थे। परिजन भी आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। पुलिस ने लोगों को समझाया। यह देखकर थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक आनंदवीर ने अपने पुलिसकर्मियों को बुलाया। उन्होंने परिवार के लोगों के साथ अर्थी को कंधा दिया।