जलकल विभाग में मृतक आश्रित कोटे में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी का आरोप लगाकर अदालत में जलकल विभाग के महाप्रबंधक, जेई सहित चार के खिलाफ परिवाद प्रस्तुत किया गया। कोर्ट के आदेश पर थाना छत्ता से आख्या तलब करने के आदेश दिए हैं।
पीड़ित ने मृतक आश्रित कोटे में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी का आरोप लगाकर अदालत में जलकल विभाग के महाप्रबंधक, जेई सहित चार के खिलाफ परिवाद प्रस्तुत किया था। एसीजेएम-2 ने थाना छत्ता से आख्या तलब करने के आदेश दिए हैं।
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छीपीटोला चक्कीपाट निवासी विकास सिंह ने जलकल विभाग के महाप्रबंधक राधेश्याम यादव, जेई नरेंद्र सिंह, उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक संजय प्लेस के प्रबंधक सुमित कुमार अग्रवाल और बालूगंज निवासी हर्षित शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य आरोप लगाकर अदालत में परिवाद प्रस्तुत किया था। आरोप लगाया कि वह हर्षित शर्मा को पहले से जानते थे। उसने जलकल विभाग में मृतक आश्रित कोटे में नौकरी लगवाने के लिए कहा था।
बाद में जेई नरेंद्र कुमार से मुलाकात कराई। उसने मृतक आश्रितों से एनओसी लेने के नाम पर 4 लाख रुपये ले लिए। कुछ दिन बाद मृतक आश्रित अभिषेक शर्मा की जगह 25 अक्तूबर 2021 को दस्तावेज लेकर महाप्रबंधक से फोन पर बात कराईं। नियुक्ति पत्र प्रदान कर केदार नगर पानी की टंकी पर कार्यभार ग्रहण करने को बोल दिया।
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हर्षित शर्मा उनके अलावा राहुल सिंह, अमन सिकरवार, गौरव शर्मा व अन्य के हाजिरी रजिस्टर पर हस्ताक्षर लेकर संस्थान के खाते से 30,150 रुपये वेतन भी देता था। बाद में हर्षित शर्मा के गोली लग जाने से वह मेडिकल लीव पर चला गया तो सभी का वेतन रुक गया। इस तरह सभी से करीब 28 लाख रुपयों की ठगी कर ली।