होली के त्योहार पर आप घर जाने की सोच रहे हैं, तो आप एक बार ट्रेन की स्थिति पता कर लें, क्योंकि सभी ट्रेन फुल हैं। टिकट काउंटर पर वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है।
जनवरी से ही ट्रेनों में मारामारी का सामना कर रहे यात्रियों को होली पर भी सुकून भरा सफर नहीं मिलने वाला है। अधिकांश ट्रेनों में सीटें भर चुकी हैं। अब यदि आपको मार्च के अंतिम सप्ताह में कन्फर्म टिकट चाहिए तो साप्ताहिक और स्पेशल ट्रेनों का इंतजार करना होगा।
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झेलम एक्सप्रेस में फर्स्ट क्लास में 14 मार्च को वेटिंग 85 पहुंच गई है। इसी तरह द्वितीय श्रेणी और स्लीपर का हाल है। कन्फर्म सीट 25 तक नहीं है। इसी तरह केरला एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस, प्रयागराज जयपुर, अवध एक्सप्रेस, अजमेर सियालदाह एक्सप्रेस में भी 20 तक लंबी वेटिंग है। कई श्रेणियों में रिगरेट है।
पटना कोटा एक्सप्रेस में 15 मार्च तक लंबी वेटिंग है। किसी श्रेणी में सीट उपलब्ध नहीं है। लश्कर एक्सप्रेस में 12 मार्च को फर्स्ट क्लास में वेटिंग 173 पहुंच गई है। द्वितीय श्रेणी में 19 पहुंच गई है। इसी तरह शताब्दी, राजधानी एक्सप्रेस, आगरा निजामुद्दीन वंदेभारत, आगरा बनारस वंदेभारत गाड़ियों में भी 20 से 26 मार्च तक सीट उपलब्ध नहीं है।
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रेल परामर्शदात्री समिति के सदस्य राजकुमार शर्मा का कहना है कि त्योहारों पर हमेशा ही किल्लत रहती है। यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं दे पाना रेलवे की नाकामी है। अब केवल स्पेशल ट्रेनों में ही सीट मिल सकेगी। साप्ताहिक ट्रेनों में भी दलाल सीटें खाली नहीं रहने देते हैं। आगरा रेल मंडल की पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव का कहना है कि होली के कारण ज्यादातर लंबी दूरी की ट्रेनों में आरक्षण हो चुका है। अब महाकुंभ की समाप्ति के बाद होली स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा।