इसमें साफ-सफाई, फॉगिंग, एंटी लारवा छिड़काव, स्कूलों में जागरूकता की जिम्मेदारी थी। रैली निकालकर जोरदार श्रीगणेश किया, लेकिन छिड़काव और साफ-सफाई की खानापूर्ति की गई। चुनिंदा क्षेत्रों तक ही यह अभियान सिमटने से अगस्त-सितंबर में मच्छर खूब पनपे। 7 से 16 सितंबर तक 10 दिन घरों में दस्तक देकर सर्वे अभियान चलाया गया, पर यह भी काम न आया।
जलभराव में पनप रहे मच्छर
पापा संस्था के राष्ट्रीय संयोजक दीपक सरीन ने कहा कि स्कूलों में पार्क और जलभराव में मच्छर पनप रहे हैं। इससे बच्चों को डेंगू-मलेरिया हो रहा है। शिक्षा विभाग ने भी सभी स्कूलों में छिड़काव और फॉगिंग की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की। बुखार से बच्चों की ज्यादा मौत हो रही है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग में ज्ञापन भी दे चुके हैं।
यमुना ब्रिज निवासी दिलीप पाठक ने कहा कि यमुनापार क्षेत्र में फॉगिंग और साफ-सफाई नहीं हुई है। मच्छरों का प्रकोप है। यहां आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर दस्तक देते हुए स्टीकर लगाए पर उसका फायदा क्या हुआ। डेंगू के बढ़ते मामलों से दस्तक अभियान फेल नजर आ रहा है।