गश्त करते पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार
आगरा। ताजमहल समेत अन्य जगहों पर बम धमाके की धमकियां कई बार मिल चुकी हैं। उसके साथ ही धमाके के लिए आतंकियों के रेकी करने की बात कई बार सामने आ चुकी है। पूर्व में दिल्ली में पकड़े गए आतंकियों ने इस बात को कबूल किया था कि वह ताज और आगरा किला के आसपास रेकी करके गए थे। कई बम धमाकों की योजना थी। दिल्ली की घटना के बाद ताजमहल और आगरा किला के आसपास का इलाका खंगाला गया। देर रात पुलिस आयुक्त दीपक कुमार फोर्स के साथ सड़क पर उतरे और तलाशी अभियान चलाया।
वर्ष 2014 में दिल्ली में दबोचे गए जोधपुर निवासी इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी बरकत और शाकिब अंसारी ने आगरा में बम धमाके करने की साजिश का खुलासा किया था। सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों आतंकियों के आगरा में बनाए ठिकाने की तलाश की थी। राजस्थान एटीएस की टीम ने दो दिन तक आगरा में बालूगंज स्थित सपा नेता के होटल ख्वाजा गरीब नवाज में पूछताछ और दस्तावेजों की जांच की थी। आतंकियों ने होटल में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण इस होटल को चुना था। दोनों आतंकी सात मार्च 2014 की शाम को दो बैग लेकर होटल में ठहरने आए थे। होटल लौटकर खाना भी खाया था। चेक आउट के वक्त 1,250 रुपये का बिल चुकता किया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, बरकत अपने साथी के साथ होटल में रूम नंबर 205 में सामान रखने के बाद चला गया था। दोनों आतंकियों ने सदर बाजार, संजय प्लेस और राजा मंडी के इलाकों में भ्रमण किया था। यहां आतंकी भीड़भाड़ वाले सुरक्षित स्थान की तलाश कर रहे थे, ताकि धमाके किए जा सकें। दोनों ने दिनभर आगरा घूमा। उन्होंने ताज के अलावा आगरा किले और एत्माउद्दौला में रेकी की थी।
तहसीन ने भी बनाया था ठिकाना
आईएम के बरकत और शाकिब के आगरा में रेकी करने से पहले आईएम का प्रमुख आतंकी तहसीन भी यहां आया था। उसके आगरा में ठहरने की बात प्रकाश में आई थी। तब खुफिया एजेंसियों ने पड़ताल की थी, लेकिन तहसीन के आगरा प्रवास के बारे में जानकारी नहीं मिली थी। शहर में स्लीपिंग माड्यूलों की आवाजाही की बात कई बार सामने आ चुकी है। अछनेरा से आईएसआई एजेंट को भी एटीएस ने गिरफ्तार किया था। एजेंट दिल्ली में ठिकाना बनाकर आगरा में आकर रेकी करता रहता था। वह यहां सैन्य इलाके से पकड़ा गया था।