बुधवार को पुलिस टीम नीलम के घर फरीदाबाद के धीरज नगर पहुंच गई। पुलिस ने बताया कि नीलम के घर पर ताला लगा हुआ था। घर के पास ही एक खाली प्लाट है। इसमें जली हुई दवाइयां, बच्चों की दवाएं सहित दस्तावेज जलने की पुष्टि हुई। आशंका है कि पुलिस के आने से पहले ही नीलम का परिवार भाग गया। उन्होंने सारे दस्तावेज और दवाओं को जला दिया, जो कि महिला और पुरुषों के प्रयोग में लाई जाती थीं।
नीलम के पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने पुलिस को बताया कि नीलम तकरीबन पांच साल से यह धंधा कर रही है। इससे पहले वह एक हास्पिटल में नर्स का काम करती थी। चिकित्सकों के साथ ही प्रसव कराती थी। इससे उसे बच्चों की डिलीवरी कराने के बारे में जानकारी हुई।
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उसने नौकरी छोड़ने के बाद सरोगेसी का धंधा शुरू कर दिया। उसके घर पर महिलाओं का आना जाना लगा रहता है। पति से अलग रहने वाली और पति की मौत के बाद अकेले जीवन यापन करने वाली महिलाएं ही उससे संपर्क करती थीं। कुछ महिलाएं सरोगेसी कराती है तो कुछ अंडाणु बेचती हैं।
बागपत का प्रदीप भी गिरोह में
पुलिस ने फतेहाबाद टोल पर नीलम के साथ ही प्रदीप को पकड़ा था। विवेचना में पता चला कि नीलम और प्रदीप साथ ही रहते हैं। वह उसे अपना भाई बताती है। फरीदाबाद के धीरज नगर में उसकी एक बहन और रहती है। वह भी फरार है।
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प्रदीप मूलरूप से बागपत का रहने वाला है, जबकि नीलम भी आसपास के जिले की है। नीलम ने पुलिस के गिरफ्तार करने पर इस पते की जानकारी नहीं दी थी। नीलम का पति साथ में नहीं रहता है।