आरोपी राहुल आनंद और गिरोह की सरगना नीलम
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सीओ विकास जायसवाल ने आरोपी विष्णुकांत से पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि वर्ष 2005 में दिल्ली आ गया था। गौरी हॉस्पिटल में 15 हजार रुपये महीने पर एंब्रियोलॉजिस्ट की नौकरी की। उसका हाथ काफी अच्छा था। चिकित्सक उसे पसंद करते थे। इससे उसकी पहचान हो गई। वह डॉक्टर के नाम से जाना जाने लगा। दो साल बाद वह दिल्ली के बड़े-बड़े हॉस्पिटल में सेवा देने लगा। उसे एक केस के तकरीबन पांच से सात हजार रुपये मिलते। एक महीने में 20 केस तक कर लेता। एक लाख से सवा लाख तक की कमाई हो जाती थी।
विदेश जाने पर टिकट के साथ रहना खाना फ्री
विष्णुकांत के अनुसार, सबसे ज्यादा मांग नेपाल, अफ्रीकी देश केन्या और रवांडा में होती थी। उसे कई आईवीएफ सेंटर के लोग बुलाते। उसे टिकट के साथ ही रहना-खाना भी फ्री दिया जाता। एक केस के 20 हजार रुपये तक मिलते थे। एक बार में कई केस निपटाकर आता था। एक ट्रिप पर कुछ ही देर में एक लाख तक कमा लेता।
घर में मां, भाई, पत्नी और दो बच्चे
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि विष्णुकांत दीन पुत्र नरसिंह राव मूलरूप से कर्नाटक के जिला बीदर, थाना चौबरा दागापुरा का रहने वाला है। एमएससी बायोटेक में कर रखी है। वर्ष 2002 में आंध्र प्रदेश के करीम नगर में एंब्रियोलॉजिस्ट की ट्रेनिंग करने गया था। वर्ष 2005 से 2016 तक दिल्ली में रहा। नोएडा में अपना फ्लैट भी खरीद लिया। उसके घर में मां, छोटा भाई, पत्नी और दो बच्चे हैं।
पुलिस की पूछताछ में विष्णुकांत ने बताया कि वर्ष 2014 में नेपाल के वीनस अस्पताल में एंब्रियो कराने गया था। तब अस्मिता से मुलाकात हुई थी। उससे उसकी दोस्ती हो गई। अस्मिता वहां पर ब्लड सेंपल लेने का काम करती थी। हालांकि उसने उससे किसी तरह का संबंध होने से मना किया। आरोपी का कहना है कि डेढ़ साल से अस्मिता से बात नहीं हुई है।
अवैध है सेरोगेसी का धंधा
सीओ विकास जायसवाल ने बताया कि लालच देकर सेरोगेसी कराना अवैध है। आईवीएफ सेंटर में यह काम कानूनी प्रक्रिया के बाद होता है, विष्णुकांत ने सेरोगेसी कराकर बच्चों को बेचने के बारे में अभी कुछ नहीं बताया है। पूछताछ की जा रही है।
आरोपी विष्णुकांत से पूछताछ में पता चला कि जब लोग एंब्रियोलॉजिस्ट का नंबर गूगल पर सर्च करते हैं तो विष्णुकांत का नंबर आता है। इससे लोगों से संपर्क हो जाता है। फोन पर ही बुकिंग हो जाती थे। ऑनलाइन ही रकम ट्रांसफर कर दी जाती। वह पहले रकम लेने के बाद ही जाता था। पुलिस उसके खातों की जांच करेगी।
दिल्ली के बड़े हॉस्पिटल के लिए नाम
विष्णुकांत ने पुलिस की पूछताछ में दिल्ली के बड़े हास्पिटलों के नाम बताए हैं। इनमें वह एंब्रियो के लिए जाता था। पुलिस इन हॉस्पिटलों से उसके बारे में जानकारी जुटाएगी। पता किया जाएगा कि काम कानूनी प्रक्रिया से हो रहा था, या नहीं। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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