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Agra News: तीसरा द्वार भेदने के लिए तीन सेनापतियों को कमान

Wed, 17 Jul 2024 10:40 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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करहल
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मैनपुरी। मुलायम के गढ़ मैनपुरी के तीसरे द्वार को भेदने के लिए भाजपा ने कमर कस ली है। ये तीसरा द्वार करहल विधानसभा सीट है। इसके लिए सीएम योगी ने एक नहीं बल्कि तीन-तीन सेनापतियों को कमान सौंपी है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सीट छोड़ने के बाद यहां उप चुनाव होना है। ऐसे में सपा और भाजपा दोनों ही इस सीट को अपने पाले में लाने के बेताब हैं।
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मैनपुरी की चार विधानसभा सीटें इस गढ़ के चार द्वारों की तरह हैं। इसमें से दो द्वारों पर भाजपा और दो पर सपा का कब्जा है। भाजपा ने 2017 में भोगांव सीट सपा से छीन ली थी तो वहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में भोगांव और मैनपुरी दोनों सीटें भाजपा के खाते में चली गईं। सपा के खाते में किशनी और करहल सीट ही बची थी। मैनपुरी सीट से विधायक जयवीर सिंह योगी कैबिनेट में मंत्री हैं तो वहीं करहल से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद विधायक हैं।
कन्नौज से सांसद बनने के बाद अखिलेश यादव ने करहल सीट से इस्तीफा दे दिया था। अब यहां उप चुनाव प्रस्तावित है। उप चुनाव में भाजपा जहां मैनपुरी के तीसरे द्वारा पर भी कब्जा करना चाहती है तो वहीं सपा दो द्वारों पर अपनी बादशाहत कायम रखना चाहती है। भाजपा ने इसके लिए सेनापतियों की तैनाती भी कर दी है। लखनऊ में सीएम योगी ने बैठक कर करहल की जिम्मेदारी एक या दो नहीं बल्कि तीन-तीन सेनापतियों को सौंपी है। इसमें कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह के साथ ही योगेंद्र उपाध्याय और राज्यमंत्री अजीत पाल सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है। सीएम ने अभी से उप चुनाव में जीत के लिए जुट जाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में करहल सीट पर सियासी घमासान होना तय हो गया है। भाजपा इस सीट के लिए पूरी जोर आजमाइश करेगी। हालांकि प्रत्याशी कौन होगा ये तय होना अभी बाकी है।
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2002 में सोबरन सिंह ने खिलाया था कमल
वर्ष 2002 में हुए विधानसभा चुनाव में करहल सीट पर सोबरन सिंह यादव ने कमल खिलाया था। सोबरन सिंह यादव ने सपा प्रत्याशी अनिल यादव को नजदीकी मुकाबले में 925 वोटों से हराया था। लेकिन अगला चुनावी यानी 2007 के विधानसभा चुनाव में सोबरन सिंह यादव ने साइकिल की सवारी कर ली। 2007, 2012 में 2017 में सपा के टिकट पर सोबरन सिंह यादव ही करहल से जीतकर विधायक बने। 2022 में उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए सीट छोड़ दी थी। सपा अध्यक्ष ने यहां से जीतने के बाद उनके बेटे मुकुल यादव को एमएलसी बनाकर उन्हें तोहफा दिया था।
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