बाजार में जन्माष्टमी को लेकर खरीदारी करते लोग।
मैनपुरी। जिले में 26 और 27 अगस्त को मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उल्लास में बाजार रंगा हुआ है। भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक पोशाकों से लेकर सजावटी सामान की दुकानें सजी हुई हैं। शनिवार को सुबह से ही बाजारों में खरीदारी करने के लिए लोग पहुंचे। देर शाम तक बाजार में खरीदरी हुई।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व जिले में दो दिन 26 और 27 अगस्त को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। जन्माष्टमी का पर्व मनाने के लिए दुकानदारों ने दुकानों पर भगवान श्रीकृष्ण की रंग-बिरंगी पोशाकों का भंडार पहले ही कर लिया है। बाजार में 150 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक की भगवान की पोशाकें मिल रही हैं। भगवान श्रीकृष्ण की पीतल की मूर्ति 300 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक की मिल रही है। कुछ दुकानों पर कांसे की भी भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति मिल रही है। कांसे की मूर्ति महंगी होने से उसकी मांग कम है।
प्रजापति समाज के लोगों ने मिट्टी की भगवान श्रीकृष्ण की अकेली और राधा-कृष्ण की सामूहिक मूर्तियां बनाई हैं। दुकानों पर यह मूर्ति 50 रुपये से लेकर 400 रुपये तक में मिल रही हैं। प्रजापति समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि मिट्टी बहुत महंगी है। भगवान की मूर्ति होने के कारण उसको लागत में ही बेच रहे हैं। जन्माष्टमी मनाने वालों से मुनाफा तो दूर मेहनत तक नहीं ली जा रही है।
मेवा के दाम बढ़े, भोग लगाना महंगा
जन्माष्टमी पर भगवान को भोग लगाना मुश्किल होगा। सूखी मेवा इस बार महंगी हो गई है। सूखी मेवा महंगी होने से महिलाएं ज्यादा परेशान हैं। उनका कहना है कि महंगाई के चलते अब पूजापाठ करना भी मुश्किल हो गया है।
महंगाई का असर त्योहारी सीजन पर भी हुआ है। एक महीने में सूखी मेवा के दाम तेजी से बढ़े हैं। सूखी मेवा महंगी हो गई है। जिसका सीधा असर त्योहार पर घरों में बनाए जाने वाले पकवानों पर भी पड़ेगा। सावन और भादों के महीने में सूखी मेवा महंगी होने से पूजापाठ करने में घर का बजट भी गड़बड़ा गया है। सावन और भादों के महीने में घरों में सूखी मेवा का उपयोग ज्यादा किया जाता है।
मेवा के दाम प्रति किलो
गरी 300 रुपये
चिरोंजी 2000 रुपये
किशमिश 350 रुपये
छुआरा 200 रुपये
मुनक्का 600 रुपये
बादाम 800 रुपये
काजू 1100 रुपये