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एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल पर सख्त हुआ प्रशासन, कब्जे में लीं एंबुलेंस की चाबियां

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कासगंज में हड़ताल कर प्रदर्शन करते एंबूलेंस कर्मी - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। एंबुलेंस हड़ताल के चलते जन सामान्य को रही समस्याओं के मद्देनजर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आश्वासन के बाद भी हड़ताल खत्म नहीं कर रहे चालकों और सहायकों पर अब चाबुक चलाने की तैयारी की गई है। प्रशासन ने सात प्रदर्शकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर संचालकों से एंबुलेंस की चाबियां कब्जे में ले ली हैं। इधर प्रशासनिक कार्रवाई के डर से इतर चालक और सहायक अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर रहे हैं।
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बीते रविवार की रात से एंबूलेंस चालक और सहायक मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। चालकों की हड़ताल के चलते मरीज और तीमारदारों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन पहले तो चालकों और सहायकों से एंबुलेंस के संचालन के लिए सहयोग मांगता रहा, लेकिन जब प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं हुए तो फिर अब प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए चालकों से एंबुलेंस की चाबियां अपने कब्जे में ले ली हैं और एंबूलेंस संचालन के लिए अस्थायी व्यवस्था बनाने की कार्ययोजना तैयार की है।
प्रशासन ने आंदोलन में शामिल रनवीर सिंह, देवेंद्र पाल, अखिलेश कुमार, नाहर सिंह, सुनील कुमार, देवेश, पवन कुमार के खिलाफ महामारी अधिनियम सहित अन्य धाराओं मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं प्रशासन की कार्रवाई से बैखोफ एंबुलेंस चालकों और सहायकों ने आरपार की लड़ाई का ऐलान करते हुए हड़ताल जारी रखने का आह्वान किया है।
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निजी चालकों का सहारा लेने की तैयारी
एंबुलेंस के चक्के जाम होने के बाद लोग परेशान हैं। मरीजों और घायलों को जब कॉल करने पर भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो रही है तो जान को खतरा बना हुआ है। इस पर प्रशासन ने अब चालकों से चाबियां लेने के बाद निजी चालकों का सहारा लेने की तैयारी की है। प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में निजी चालकों के सहारे एंबुलेंस संचालन कराएगा।
दो प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने पर आक्रोश
एंबुलेंस संचालन के लिए जब चालक तैयार नहीं हुए तो प्रशासन ने हड़ताल खत्म कराने के लिए कार्रवाई की। आंदोलन कर रहे देवेंद्र पाल और उनके एक अन्य साथी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इससे प्रदर्शनकारियों में आक्रोश पनप गया। हालांकि बाद में हिरासत में लिए गए दोनों आंदोलनकारियों को छोड़ दिया गया है।
समर्थन में कूदी भारतीय किसान यूनियन
मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे चालकों और सहायकों के समर्थन में भाकियू (स्वराज) मैदान में उतर गई है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पांडे बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और ऐलान किया कि यूनियन एंबुलेंस चालकों और सहायकों के साथ खड़ी है।
ये हैं कर्मचारियों की मांगें
- ठेका प्रथा बंद होनी चाहिए।
- एंबुलेंस कर्मियों की नौकरी सुरक्षित की जाए।
- समान कार्य के लिए समान वेतन लागू हो।
- कोरोना काल में शहीद एंबुलेंस कर्मियों को 50 लाख का बीमा प्रदान किया जाए।
- एएलएस कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित की जाए।
इन्होंने किया प्रदर्शन
एंबुलेंस चालक और ईएमटी हड़ताल करने के बाद जिला अस्पताल परिसर में धरने पर हैं। मंगलवार को जिलाध्यक्ष अखिलेश अग्निहोत्री, जिला महामंत्री रवेंद्र सिंह, नाहर सिंह, पवन कुमार, रणवीर सिंह, मुनेंद्र कुमार, देवेश कुमार, देवेंद्र पाल सहित अन्य हड़ताल पर रहे।
एंबुलेंस चालक और सहायकों से हड़ताल खत्म करने की अपेक्षा की गई, लेकिन वे किसी भी हाल में अंादोलन खत्म करने को तैयार नहीं थे। फिलहाल उनके कब्जे से चाबियां ले ली गई हैं। निजी चालकों के सहारे अस्थायी व्यवस्था बनाई जा रही है। - ललित कुमार, एसडीएम
प्रशासन चालकों सहायकों पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करने पर अमादा है। हमारी मांगे जायज हैं। अब आंदोलन को और रफ्तार दी जाएगी। लखनऊ कूच करने की तैयारी है। - अखिलेश कुमार, जिलाध्यक्ष, एंबुलेंस कर्मचारी संघ
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