पखवाड़े भर पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आईटीसी होटल में अपने औद्योगिक और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के नायक की छवि गढ़ने के लिए संवाद किया था। उसी आगरा में मेट्रो और एयरपोर्ट जैसे विकास के बड़े प्रोजेक्ट और ग्रामीण आगरा में पीडब्ल्यूडी की 2,791 करोड़ की सड़कों के निर्माण की योजनाओं के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम लोगों को यूपी के बदलने का संदेश दिया है। इंजीनियरों और ठेकेदारों पर सीधे एफआईआर और जेल भेजने का आदेश देकर अपनी सख्त प्रशासक की छवि को मजबूती दी और यह संदेश दिया कि जनता की सहूलियत के आगे किसी भी स्तर की लापरवाही या अफसरशाही की मनमानी वह नहीं होने देंगे।
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जनप्रतिनिधियों को दी तवज्जो
अफसरों के साथ समीक्षा बैठक में उन्होंने आगरा मंडल के सभी जनप्रतिनिधियों को बैठाया, जिसमें सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों से सीधे कहा कि वे अपनी प्राथमिकताएं तय करें और फंड तुरंत जारी होगा। इसके जरिए मुख्यमंत्री ने संगठन और सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने की कोशिश की है। जनप्रतिनिधियों को यह अहसास कराया कि विकास की कमान अफसरों के हाथ नहीं, बल्कि उन्हीं के हाथ में है, जिससे स्थानीय स्तर पर जनता के बीच उनकी साख मजबूत हो सके। छुट्टा पशुओं पर रोक के जरिए उन्होंने ग्रामीण और किसानों को साधा।
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