फतेहाबाद रोड पर केएनसीसी में लघु उद्योग भारती के सम्मेलन में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 60 फीसदी युवा वोटरों को रिझाने के लिए रोजगार की बात की। उन्होंने छात्रों को मानदेय का आधा हिस्सा देने की घोषणा कर उद्यमियों का दिल जीत लिया तो छात्रों के मन में भी जगह बनाई। मुख्यमंत्री इससे पहले युवाओं को रोजगार देने के बाद नियुक्तिपत्र अपने हाथों से ही सौंपते रहे हैं। इस बार वह एक करोड़ 10 लाख रोजगार सृजन के दावे कर रहे हैं।
छात्रों का रजिस्ट्रेशन कराएं
आईटीआई, पॉलीटेक्निक के छात्रों को प्रशिक्षण के लिए फैक्टरी संचालक रखते हैं तो सीएम इंटर्नशिप स्कीम में उद्यमी रजिस्ट्रेशन कराएं। उनका आधा मानदेय सरकार देगी। इससे अनुभवी लोगों की टीम तैयार होगी, जो उद्योगों की जरूरत के लिए मददगार होगी। इससे युवाओं को भी अनुभव और रोजगार मिलेगा। - योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
बड़ा असर पड़ेगा
सीएम इंटर्नशिप योजना मास्टर स्ट्रोक है जो उद्योगों के सामने आ रही स्किल्ड मैन पावर की समस्या को खत्म कर सकती है। सीएम की योजनाओं का बड़ा असर पड़ेगा। - पूरन डावर, अध्यक्ष, एफमेक
दूरगामी परिणाम
उद्योगों के लिए यह जरूरी है कि उन्हें प्रशिक्षित और काबिल स्टाफ मिले। इस दिशा में मुख्यमंत्री का यह फैसला दूरगामी परिणाम लाने वाला बनेगा। - इ. उमेश शर्मा, लघु उद्योग भारती
युवाओं को रिझाया
बिहार में जातीय जनगणना के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने कांग्रेस शासित राज्यों में जातीय जनगणना कराने का निर्णय लेकर दबाव बनाया है, जिसकी काट के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए उद्योगों की स्थापना में युवाओं को एक करोड़ रोजगार का भरोसा दिलाया है। केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में पहले ही आधा अंशदान देने की योजना चला रही है, ऐसे में यूपी सरकार ने मानदेय में भी आधा हिस्सा देने की योजना के जरिए न केवल उद्यमियों, बल्कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के युवाओं को रिझाया है।
भाषण में पहली बार सपा और बसपा नहीं
चुनावी तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में उद्यमी महासम्मेलन में पहली बार केवल अपनी सरकार की उपलब्धियों का बखान किया। उन्होंने सपा के शासन की बात की, न बसपा की। कांग्रेस समेत किसी विपक्षी दल का नाम तक नहीं लिया। उन्होंने कानून व्यवस्था के सुधार के कारण उत्तर प्रदेश में हो रहे औद्योगिक निवेश और उससे युवाओं को एक करोड़ तक रोजगार मिलने पर ही अपना संबोधन केंद्रित रखा।