एटा में प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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एटा में 15 घंटे के प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले की जनता में पल रही विकास की छटपटाहट को बारीकी से परखा। जिले के पिछड़ेपन की चुभन, विकास की तड़प और मिथक को तोड़ने की कोशिश की।
जनसभा में भीड़ से गदगद मुख्यमंत्री योगी ने जनता की मांग और आस को जाया न करते हुए अपनी प्रतिबद्धता गिनाईं। साथ ही जिले पर लगे पिछड़ेपन के दाग को मिटाने का संकल्प दोहराया।
जनप्रतिनिधियों की कार्यकुशलता और प्रशासन के सहयोग पर मुख्यमंत्री खुश दिखे। अपने पिटारे में योजनाओं की सौगात लेकर आए मुख्यमंत्री एक बार फिर से तोहफे लेकर आने का वादा कर चले गए।
'उपेक्षा का शिकार रहा एटा'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार सुबह पुलिस लाइन में मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि जिले में बारिश के दौरान अपार जनसमूह ने विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
उन्होंने कहा कि 16 महीने में प्रदेश और चार वर्षों में केंद्र सरकार ने देश में विकास के लिए काफी काम किए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एटा बीते वर्षों में व्यापक उपेक्षा का शिकार रहा है। 1882 से अब तक जिले के लोगों में विकास को लेकर छटपटाहट है।
मुख्यमंत्री ने सपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिले में विकास के नाम पर कुछ नहीं हो सका। विकास की तमाम योजनाएं कई सालों से लंबित हैं। अब केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाएं जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक मशीनरी के सहयोग से रफ्तार भर रही हैं।
उन्होंने मेडिकल कॉलेज की स्थापना के साथ-साथ एनएच-91 पर शहर में बाइपास निर्माण का भी जिक्र किया। साथ ही सोरों को पर्यटन स्थल घोषित करने की पुरानी मांग को पूरा करने का वादा भी किया।
सपा के लिए पैदा की चुनौती
मुख्यमंत्री का दौरा सपा के लिए भी चुनौती माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक संजीव चौहान का कहना है कि मुख्यमंत्री ने जिस अंदाज में जिले की नब्ज को पकड़ा है, उससे साफ है कि भाजपा को आने वाले चुनाव में फायदा मिलेगा।
उनका कहना है कि अगर योगी सरकार अपने वादों पर खरा उतरती है और विकास का पिटारा लेकर लौटती है, तो सपा के लिए चुनाव चुनौती सें कम नहीं होगा। अपने दौरे में योगी यह प्रतिबद्धता दिखाकर गए हैं।