एटा में अब नेताजी की धमक भी दिखेगी और चमक भी। दो दिन एटा दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधायकों को संजीवनी दे गए हैं। विधायकों से दो टूक कहा कि विकास को लेकर अपनी धमक दिखाओ।
मुख्यमंत्री ने अफसरों को भी चेताया कि विधायकों से मिलकर काम करो, नहीं तो खैर नहीं। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान जिले के जनप्रतिनिधियों को जमकर तवज्जो दी। विधायक भी सीएम के लाड़ पर खिले-खिले नजर आए।
अब तक जिले में भाजपा विधायकों की मांगों को प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा था। सरकार बनने के बाद से अब तक विधायकों को कई मौकों पर तवज्जो नहीं मिली।
विधायकों के दर्द को समझा
दो दिवसीय दौरे पर आए सीएम योगी के सामने विधायकों का दर्द पहुंचा, तो उन्होंने भी उसे समझा। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री योगी ने कोर ग्रुप की बैठक में विधायकों को साफ कह दिया कि विकास को लेकर अपनी धमक दिखाओ।
समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि कोई भी विकास कार्य मनमानी से नहीं होगा। विधायकों को पूरी तवज्जो मिलनी चाहिए। मंच से लेकर मॉडल स्कूल तक उन्होंने हर जगह विधायकों को नाम लेकर हर कार्य में आगे किया।
दीप प्रज्ज्वलन में उन्होंने हर विधायक को दीप जलाने का मौका दिया, तो अपने भाषण में वे बार-बार कहते दिखे कि जनप्रतिनिधियों ने जिले में विकास के काम करने की कोशिश की है।
हर विधायक से की बात
मॉडल स्कूल में पौधरोपण के दौरान भी मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को खुद पौधा लगाने का आमंत्रण दिया। बताया जाता है कि निरीक्षण भवन में प्रवास के दौरान भी मुख्यमंत्री ने हर विधायक से अलग-अलग बात की।
इससे साफ है कि जिले के माननीयों के लिए मुख्यमंत्री की संजीवनी सम्मान के साथ-साथ पार्टी के मुफीद साबित होगी। वहीं विधायकों ने भी मुख्यमंत्री को पार्टी और उनके भरोसे पर खरा उतरने का विश्वास दिलाया है।
'सबकी सुनी जाएगी'
कोर ग्रुप की बैठक में मुख्यमंत्री ने कासगंज विधायक देवेंद्र सिंह के वायरल ऑडियो पर संज्ञान लिया। दरअसल, पिछले दिनों विधायक ने फोन पर कार्यकर्ता को कहा था कि उनकी प्रदेश में नहीं सुनी जा रही है। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को नरमी से लेते हुए विधायकों से कहा कि अब सबकी सुनी जाएगी।
'काम करो, गिनाओ मत'
वहीं बैठक में मुख्यमंत्री के तेवर देख नेता और अधिकारी सकते में नजर आए। एक भाजपा नेता ने अपने कार्यकलापों की लंबी फेहरिस्त गिनानी शुरू की। इस पर मुख्यमंत्री ने नेता की लताड़ लगाते हुए चुप रहने की नसीहत दी। मुख्यमंत्री ने बैठक में नेताजी को कहा कि काम करो, गिनाओ मत। मुख्यमंत्री के तेवर को लेकर जिले में चर्चा का आलम रहा।