मृतकों के परिजनों से मिले सीएम योगी
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जानकारी के अभाव से बढ़ी बीमारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि डेंगू का संदिग्ध मामला 18 अगस्त को सामने आया था। जानकारी के अभाव में लोग प्राइवेट उपचार कराते रहे। जानकारी होते ही फ्रेश वार्ड यहां बनाया गया। मेडिकल कॉलेज में तीन मौत हुई है इसमें दो ब्रॉड डेड थे। निजी अस्पताल और घरों में 32 बच्चों व सात वयस्कों की मौत हुई है। मेडिकल एजुकेशन एवं लखनऊ से सर्विलांस की टीम भेजकर जांच करा रहे हैं।
उन्होंने मेडिकल कॉलेज में मैनपॉवर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कहा कि बेहतर उपचार के क्या इंतजाम हो सकते हैं वह किए जाएंगे। मौतों में किस स्तर पर लापरवाही हुई इसकी जमीनी स्तर पर जांच कराके जवाबदेही तय की जाएगी।
मृतक कृष्णा के परिजनों को दी सांत्वना
छह अगस्त को डेंगू बुखार के कारण दम तोड़ने वाले मासूम कृष्णा के पिता पुष्पेंद्र से मुख्यमंत्री योगी ने करीब पांच मिनट तक बातचीत की। उन्होंने पुष्पेंद्र को सांत्वना देते हुये अन्य परिजनों के स्वास्थ्य के बारे में भी पूछा। सभी के स्वास्थ्य की जांच के लिये मौके पर मौजूद चिकित्साधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी किए।
सीएम योगी ने जाना मरीजों का हाल
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