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पशुधन होगी निरोगी, किसानों के घर गाय बछिया को ही जन्म देगी: मुख्यमंत्री योगी

Thu, 12 Sep 2019 09:46 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
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कान्हा की नगरी मथुरा से राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण और कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश में पशुधन निरोगी बनेगा। साथ ही किसान और पशुपालक के घर पाली जाने वाली गाय कृत्रिम गर्भाधान से बछिया को ही जन्म देगी।  
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ऐसा विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मथुरा पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन किया। पशुओं को रोग मुक्त तथा दे्श को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम की शुरुआत के लिए मथुरा का चयन किए जाने पर प्रधानमंत्री का आभार भी जताया। 

वेटरनेरी विश्वविद्यालय में आयोजित पशु आरोग्य मेला के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोपाल श्रीकृष्ण की धरती का इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए चयनित किया जाना प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कई योजनाओं को उल्लेख करते हुए किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों की भी जानकारी दी। 
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'प्रधानमंत्री ने की समाधान की पहल'

इस दौरान केंद्रीय पशुधन मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि पशुधन संबंधी समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री ने समाधान की पहल की है। उन्होंने कहा कि अब तक पशुओं में एफएमडी के कारण दूध और मांस को विदेशों से रिजेक्ट कर दिया जाता था, अब इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के बाद रोग पर नियंत्रण होगा। साथ ही किसानों के घर में बछिया ही पैदा होगी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने केंद्र की योजनाओं को रखा। 

इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ मंच पर केंद्रीय राज्यमंत्री जल शक्ति रतनलाल कटारिया, केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, सांसद हेमामालिनी, प्रदेश सरकार के पशुधन मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा सहित भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह भी मौजूद रहे। 
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मथुरा जिले में है यह लक्ष्य

कार्यक्रम के बाद पशुपालन विभाग के एडी डॉ. एसके मलिक ने बताया कि रोग ग्रस्त सांड़ों का इलाज किया जाएगा। साथ ही पूरे जिले के 200 गांवों को लक्ष्य बनाकर हर गांव में 100-100 गायों को कृत्रिम गर्भाधान के जरिए गर्भित कराया जाएगा। 

इस कृत्रिम गर्भाधान में वर्गीकृत वीर्य (वह वीर्य जिससे साहीवाल व देशी अच्छी नस्ल की बछिया पैदा होगी) वह डाला जाएगा। इस योजना में एक साल में हर जिले में 20 हजार साहीवाल प्रजाति की बछिया पैदा हो सकेंगी। यह बछिया आठ से 12 लीटर तक दूध देंगी। 

देशी गाय की उन्नत नस्ल होने के चलते यह दूध अन्य गायों की तुलना में ज्यादा पौष्टिकता वाला होगा। इसके लिए गायों को टैग नंबर दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में 600 जिलों में 3.6 करोड़ गायों को कृत्रिम गर्भाधान से गर्भित कराया जाएगा। 
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