कासगंज। मंगलवार की सुबह कस्बा मोहनपुर पर हुए हादसे की भयावहता को यहां गड्ढे में पड़ी चप्पलें व कपड़े खुद ही बयां कर रहे हैं। गड्ढे में कपडे़, चप्पलों के साथ मिट्टी भरने की प्लास्टिक की बोरी भी पड़ी हुई थी।
सुबह-सुबह ही काफी संख्या में अपने घर व चूल्हे की लिपाई व पुताई करने के लिए गड्ढे में मिट्टी लेने के लिए काफी संख्या में महिलाएं व बच्चे पहुंचे थे। यहां अचानक ही मिट्टी की ढाय धंसक गई। मिट्टी में दबे लोगों को निकाला गया। इसके बाद भी घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। इसका कारण था कि ग्रामीणों का कहना था कि अभी मिट्टी में और भी महिला व बच्चे दबे हो सकते हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ही गड्ढे में चप्पलें व दुपट्टा भी मिला। जो कि संभवत: घटना में मृत अथवा घायलों के थे। इससे ही घटना की भयावहता के बारे में पता लग रहा था।
गांव रामपुर निवासी रामबेटी के घर में चूल्हा बुझा हुआ था। इस चूल्हे में राख पड़ी हुई थी। साथ ही पास में लोटा जमीन पर पड़ा हुआ था। देवर राजू ने बताया कि सुबह-सुबह इसी चूल्हे व चौके को लीपने के लिए भाभी मिट्टी लेने गई थीं, लेकिन फिर वापस नहीं लौटी। चूल्हा बुझा हुआ है, उन्हें इसकी राख भी निकालनी थी, लेकिन वह पहले मिट्टी लेने चली गई। जैसे ही घर पर जानकारी मिली सभी सब कुछ छोड़कर उसी ओर दौड़ लिए।