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आगरा में सहायक अध्यापक से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते एबीआरसी गिरफ्तार

Fri, 06 Sep 2019 08:30 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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एबीआरसी के साथ में रिश्वत के रुपये - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के शमसबाद खंड शिक्षा कार्यालय में तैनात एबीआरसी देव प्रकाश को शुक्रवार दोपहर लगभग एक बजे 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। उसने सहायक अध्यापक यश प्रताप चौहान का दो महीने का रुका हुआ वेतन दिलाने के लिए यह रकम ली। उसके हाथ में 500-500 के नोट आते ही, एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उसे पकड़ लिया।
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खंदौली निवासी यश प्रताप पहले जैतपुर कलां में तैनात थे। 23 जुलाई को उनका तबादला शमसाबाद खंड शिक्षा कार्यालय के लिए हुआ। अगस्त में जुलाई का वेतन नहीं मिला। वो एबीएसए वीरेंद्र पटेल के पास गए। पटेल ने एबीआरसी देव प्रकाश के पास भेजा।

बिल बाबू का काम भी देव प्रकाश ही देख रहा था। पुलिस ने बताया कि यश प्रताप ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत चार सितंबर को एंटी करप्शन ब्यूरो से कर दी। बीआरसी कार्यालय के बाहर स्थित पिंकी जनरल स्टोर के सामने देव ने 10 हजार रुपये जैसे ही लिए, वैसे ही उसे पकड़ लिया गया। 
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है। इसके मुकदमों की कोर्ट मेरठ में है। उसे शनिवार को वहीं पेश किया जाएगा। देव प्रकाश ताजगंज के कहरई का निवासी है।
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20 हजार मांगे थे, फिर दस में मान गया

रिश्वत लिए जाते समय का वीडियो किसी ने बना लिया। यह वायरल हो गया है। यश प्रताप ने बताया कि उससे 20 हजार रुपये मांगे गए थे। उसने कहा इतनी रकम नहीं है, तो बात 15 और फिर 12 पर आ गई। आखिर में 10000 लेकर वेतन दिलाने के लिए के लिए राजी हो गया था।

छह सितंबर, बिल बाबू और गिरफ्तारी का इत्तफाक 

वर्ष 2018 में छह सितंबर को ही शमसाबाद ब्लाक में तैनात एबीआरसी सोबरन सिंह के खिलाफ विजिलेंस ने कार्रवाई की थी। वो बिल बाबू का भी कार्य देख रहा था। इस वर्ष भी छह सितंबर एंटी करप्शन टीम ने शमसाबाद ब्लाक के ही एबीआरसी देव प्रकाश सिंह को रिश्वत लेते पकड़ा। यह भी बिल बाबू का कार्य देख रहा था।
 
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हर साल गिरफ्तारी... फिर भी भ्रष्टाचार जारी

आगरा जिले में पिछले पांच सालों में एक भी ऐसा नहीं बीता जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग में कोई अधिकारी या कर्मचारी जेल न गया हो। इससे सबक नहीं लिया जा रहा। भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

1. अक्तूबर 2014 में तत्कालीन वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा राकेशचंद्र मौर्य की गिरफ्तारी हुई। वह  सेवानिवृत्त शिक्षक नरायन सिंह से रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया ।
2.  अगस्त 2015 में  पेंशन भुगतान के लिए रिश्वत लेते पेंशन अधिकारी आरएस प्रजापति जेल गया।
3. 2016 में फतेहाबाद के एबीआरसी उत्तम सिंह और भूप सिंह की रिश्वत लेने में गिरफ्तारी हुई।
4. फरवरी 2017 शमसाबाद की तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी पूनम चौधरी को एबीआरसी रानी देवी से घूस लेते पकड़ा गया।
5. मई 2017 में वित्त एवं लेखाधिकारी कन्हैयालाल सारस्वत की गिरफ्तारी हुई।
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