गांव मीठेपुर में शनिवार रात बारात विदाई के दौरान गली से कार निकालने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। इस दौरान आरोपियों ने बारातियों की पिटाई कर दी। साथ ही उन पर पत्थरबाजी भी शुरू कर दी। वारदात में कई बाराती घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीन घंटे बाद दुल्हन की विदाई कराई। मामला समुदायों के बीच का होने के कारण पुलिस की सांस फूल गई। काफी देर तक पुलिस गांव में मौजूद रही। जिससे कोई भी अप्रिय घटना न हो जाए। हालांकि लड़की की विदाई के बाद पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली।
करहल थाना क्षेत्र के गांव मीठेपुर निवासी समीनुउद्दीन की बेटी चांद आफरीन की शादी जसवंतनगर जनपद इटावा निवासी जायद पुत्र शहजादे से तय हुई थी। शनिवार को गांव में बारात आई और निकाह की सभी रस्मों को पूरा किया गया। निकाह पूरा होने के बाद रात करीब साढ़े दस बजे के करीब विदाई होने लगी। दुल्हन को लेकर कार जैसे ही आगे बढ़ी तो कुछ लोग गली में ही चारपाई बिछाकर सो रहे थे। कार ड्राइवर ने ग्रामीणों से चारपाई हटाने के लिए कहा तो विवाद शुरू हो गया। इस पर बाराती और लड़की पक्ष के लोग भी मौके पर आ गए।
देखते ही देखते दोनों पक्षों में गाली गलौज और मारपीट होने लगी। आरोपियों ने अपनी छतों पर चढ़कर पथराव कर दिया। इससे नूर आलम पुत्र मोहम्मद शफी, साई पुत्री नाविर, सन्नो पत्नी हसमुद्दीन घायल हो गए। लड़की पक्ष के लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मामला शांत होने के करीब तीन घंटे बाद लड़की की विदाई हो सकी। लड़की पक्ष की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ लिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि सोनेलाल और राजकुमार के खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की गई है।