एटा। पीडब्ल्यूडी की ओर से पिछले वर्ष गड्ढे भरे गए थे, इन गड्ढों को भरने में विभागीय अधिकारियों ने चहेते ठेकेदारों को मोहरा बनाकर खूब खेल किया। विभाग की ओर से 438 किमी गड्ढे करीब पौने दो करोड़ रुपये में भरने का दावा किया जा रहा है। जबकि जिले की स्थिति कुछ और ही कहानी बया कर रही है। देवरिया में गड्ढे भरने का खेल उजागर होने के बाद प्रदेश के कई जिलों में जांच शुरू हो गई है। जांच हुई तो कईयों की गर्दन फंस सकती है।
जिले भर की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का फरमान सरकार की ओर से पिछले वर्ष जारी किया गया था। इन गड्ढों को भरने के लिए जिले से 278 सड़कों का चयन किया गया था। इन सड़कों में गड्ढे दर्शाए गए थे। शासन को भेजी गई कार्य योजना के अनुसार 727 किमी की सड़कें शामिल थी, इनमें से 438 किमी गड्ढों को भरने का दावा विभाग की ओर से किया जा रहा है। 438 किमी गड्ढों को भरने के लिए एक करोड़ 59 लाख रुपये का खर्चा पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने अपने चहेते ठेकेदारों के माध्यम से किया है। सूत्रों का दावा है कि गड्ढों को भरने के दौरान जिन ठेकेदारों को भुगतान किया गया, उसमें बड़ा खेल हुआ। मालूम हो प्रदेश के देवरिया जिला में भी गड्ढों को भरने के नाम पर भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है, इसको लेकर प्रदेश के कई जिलों की जांच शुरू हो गई है। इसमें एटा का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। अगर यहां पर जांच होती है तो कइयों का नपना तय माना जा रहा है। इसे लेकर यहां भी खलबली मची हुई है।
इन सड़कों के तो गड्ढे भरे ही नहीं साहब
- एटा-कासगंज मार्ग से सरनऊ को जाने वाला लिंक मार्ग।
-जीटी रोड से नगला इमलिया बरई जाने वाला मार्ग।
- जीटी रोड से मानपुर जाने वाला प्रमुख मार्ग।
-निधौली रोड से जिटौली रामनगर जाने वाला लिंग मार्ग।
-कमसान नहर पुल से बिजली फीडर तक जाने वाला मार्ग।
आंकड़ों पर नजर
278 सड़कों का चयन किया
727 किमी की सड़क की भेजी गई कार्य योजना
438 किमी गड्ढों को भरने का दावा
1.59 करोड़ रुपये गड्ढे भरने में हुए खर्च
गड्ढा मुक्ति अभियान के दौरान पिछले वर्ष कार्य किए गए थे। जिले में 438 किमी गड्ढों को भरा गया है इसमें 1.59 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। गड्ढा भरने में अभी तक किसी भी प्रकार का गबन अथवा भ्रष्टाचार सामने नहीं आया है।
टीसी दोहरे, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी