एटा। 30 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ता विद्युत बिलों का नियमित भुगतान नहीं करते। जिले के 1.86 लाख विद्युत उपभोक्ताओं पर 19 करोड़ की मासिक बिलिंग के विरुद्ध वसूली 14 करोड़ तक ही रहती है। ऐसे में हर महीने पांच करोड़ का एरियर बढ़ जाता है।
अनवरत आपूर्ति, बेहतर सुविधाओं की मांग करने वाले विद्युत उपभोक्ता राजस्व भुगतान को लेकर गंभीर नहीं हैं। तीस प्रतिशत से अधिक उपभोक्ता तो हर महीने बिलों का भुगतान ही नहीं करते। ग्रामीण, किसान एवं अशिक्षित ही नहीं वरन पढ़े लिखे कारोबारी, नौकरपेशा एवं तथाकथित जागरूक भी इसमें पीछे नहीं हैं। इनकी लापरवाही के चलते बिजली विभाग वसूली लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पा रहा। वहीं विद्युत राजस्व हर महीने बढ़ता जाता है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार शहर से गांव तक के 1.86 लाख विद्युत उपभोक्ताओं पर हर माह 19.25 करोड़ रुपये की बिलिंग होती है, जबकि वसूली सवा चौदह करोड़ तक ही रहती है। ऐसे में हर माह औसतन पांच करोड़ रुपये का एरियर बढ़ जाता है।
जिले के उपभोक्ता आज भी 50 करोड़ से अधिक का राजस्व दबाए बैठे हैं।
खंड विद्युत उपभोक्ता बिलिंग रुपये राजस्व वसूली रुपये
शहरी खंड 28446 7 करोड़ 6 करोड़
ग्रामीण खंड प्रथम 78125 5.50 करोड़ 3.60 करोड़
ग्रामीण खंड द्वितीय 79348 6.25 करोड़ 3.85 करोड़
विद्युत उपभोक्ता राजस्व भुगतान में गंभीर नहीं हैं। नियमित बिल जमा न करने के चलते जिले में हर माह पांच करोड़ रुपये का एरियर बढ़ जाता है। विशेष अभियान चलाकर वसूली की जाती है। हजारों लोग तो डिस्कनेक्शन, आरसी के बाद भुगतान करते हैं।
संदीप कुमार, अधीक्षण अभियंता