एटा। जिले की ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए दी जाने वाली ग्रांट पर डीएम ने रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। लगातार ग्राम पंचायतों में चल रही योजनाओं और रिपोर्टिंग में पिछड़ने पर डीएम ने नाराजगी जताई है। साथ ही खर्च का हिसाब किताब नहीं देने वाली करीब 200 से अधिक ग्राम पंचायतों को अनुदान देने पर रोक लगाने के लिए कहा है।
दरअसल, जिले का पंचायतीराज विभाग हर सरकारी योजना और उसकी रिपोर्टिंग में पिछड़ता जा रहा है। चाहे वह संचारी रोग अभियान हो, प्रिया सॉफ्ट, प्लान प्लस, जियो टैग और डिजिटल सिग्नेचर पंजीकरण, शौचालय निर्माण हो। इसे लेकर आए दिन वीडियो कांफ्रेंसिंग में शासन से निर्देश दिए जाते हैं। साथ ही प्रदेश में जिले की स्थिति खराब होती जा रही है। इसे लेकर डीएम ने सख्ती करते हुए हिसाब नहीं देने वाली ग्राम पंचायतों की ग्रांट रोकने के निर्देश दिए हैं। अब तक जिले में 576 में से 325 ग्राम पंचायतों ने हिसाब दिया है। वहीं महज 123 ग्राम पंचायतों के डिजिटल सिग्नेचर पंजीकृत हो सके हैं। डीएम ने पिछले दिनों विकास भवन के निरीक्षण के दौरान भी डीपीआरओ को फटकार लगाई थी और प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए थे, लेकिन सुधार नहीं दिखने पर डीएम ने कड़ा कदम उठाया है। साथ ही डीएम ने यह भी कहा है कि जो पंचायत सचिव और प्रधान एक सप्ताह में हिसाब नहीं देते हैं, उनके खिलाफ एफआईआर कराई जाए। डीएम के निर्देश को लेकर पंचायतीराज विभाग में हड़कंप मचा है।
ऑडिट को लेकर भी नहीं हुई शुरुआत
जिले में ग्राम पंचायतों के ऑडिट की प्रक्रिया भी अब तक शुरू नहीं हुई है। इसे लेकर शासन भी निर्देश जारी कर चुका है। आलम यह है कि ग्राम पंचायतें घोटाले खुलने से बचने के लिए ऑडिट से किनारा कर रही हैं। जिले के अधिकारी भी ऑडिट कराने को लेकर संजीदा नजर नहीं आ रहे हैं।
इनका कहना है
पंचायतीराज विभाग का हाल खराब है। हाल ही में आया हूं। स्थितियों में सुधार किया जाएगा। डीएम ने प्रिया सॉफ्ट नहीं कराने वाली ग्राम पंचायतों की ग्रांट रोकने के लिए कहा है। इसे लेकर ग्राम प्रधानों और सचिवों को निर्देश दिए गए हैं।
मदन वर्मा, सीडीओ एटा
स्थिति पर एक नजर
जिले की ग्राम पंचायतें : 576
प्रिया साफ्ट फीडिंग कराई : 325
डिजिटल सिग्नेचर पंजीकरण : 123
जियो टैग : 00