मैनपुरी। अप्रैल से जिले में शुरू होने वाली गेहूं की खरीद को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। बिचौलियों से बचने और किसानों को मुनाफा दिलाने के लिए नियमों को सख्त कर दिया है। किसानों को जहां पहले पंजीकरण करना होगा तो अधिक गेहूं की बिक्री करने वाले किसानों का एसडीएम खुद सत्यापन करेंगे।
जिले में बड़े पैमाने पर किसान गेहूं की खेती करते हैं। इससे लाखों मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होता है। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए शासन द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जाती है। अप्रैल से खरीद शुरू होगी। इसके लिए किसानों को पूर्व की भांति ही ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा लेकिन एक बदलाव इसमें किया गया है। अब जो भी किसान सौ क्विंटल से अधिक गेहूं की बिक्री करेंगे, उन्हें उप जिलाधिकारी से सत्यापन कराना होगा। दरअसल ऐसा इसलिए किया गया है कि बिचौलिए कम दामों पर गेहूं की खरीद कर उसकी अधिक में बिक्री करते हैं। सत्यापन के दौरान उप जिलाधिकारी द्वारा किसान की भूमि का सत्यापन कर ही उसे गेहूं की बिक्री की अनुमति दी जाएगी। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने किसानों से पंजीकरण कराने के लिए कहा है, जिससे किसानों को समस्या का सामना न करना पड़े।