दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों के हाथों में अब गन की जगह गुलेल नजर आ रही है। इन जवानों को बाकायदा गुलेल चलाने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
दरअसल, ताज परिसर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बंदरों के झुंड आए दिन पर्यटकों पर हमला कर रहे हैं। इससे देश की छवि पर बट्टा लगा रहा है। इन उत्पाती बंदरों से निपटने के लिए ही यह फैसला लिया गया है।
ताजमहल की सुरक्षा में लगाए गए इन सीआईएसएफ जवानों में से लगभग एक दर्जन को गुलेलें दी गई हैं। ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट के पास बंदरों से पर्यटकों की सुरक्षा में इन जवानों को तैनात किया गया है।