उससे सवाल किया गया कि ताज के फोटो और वीडियो इस तरह ड्रोन से लेने के पीछे क्या मकसद था? उसने बताया कि वह ताज के शानदार फोटो लेना चाहता था, इसलिए ड्रोन की मदद ली। उसे किसी ने नहीं बताया कि यहां ड्रोन कैमरा इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है। बाद में माफीनामा लिखवाकर उसे छोड़ दिया गया।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि इस तरह के मामले पहले भी आए हैं। इसे देखते हुए होटल मालिकों से कहा गया है कि वे उनके यहां आने वाले पर्यटकों को बताएं कि ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल न करें। एएसआई और पर्यटन विभाग से भी बात की जा रही है कि प्रमुख स्थानों पर ड्रोन से संबंधित दिशा-निर्देश का प्रचार-प्रसार किया जाए।
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