स्कूल जाकर शिक्षकों से करें बात
डॉ. गर्ग का कहना है कि कई बार बच्चे शिक्षक के डांटने आदि वजहों से भी स्कूल जाने से कतराते हैं। बच्चा इस तरह की शिकायत करे तो उसे टालें नहीं। स्कूल जाकर संबंधित शिक्षक से बात जरूर करें। एक बार शिक्षक के सामने बच्चे को भी बुलाकर बात कराएं, जिससे उसका डर निकलेगा। वह स्कूल जाने के लिए प्रेरित होगा। शिक्षक से अनुरोध करना चाहिए कि वह बच्चों का मनोबल बढ़ाते रहें।
बच्चों की दिनचर्या ठीक हुई
डॉ. गर्ग का कहना है कि ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने से अधिकतर बच्चों के साथ अच्छा हुआ है। उनकी दिनचर्या पटरी पर आ गई है। स्कूल जाने से, खेलकूद व दोस्तों के साथ समय बिताने से उनका चिड़चिड़ापन दूर हो गया। पढ़ाई में भी ऑनलाइन की अपेक्षा अधिक मन लग रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान बच्चों के चिड़चिड़े होने के बड़ी संख्या में मामले पहुंच रहे थे।
ये करें अभिभावक
- बच्चे को डांटने या मारने के बजाय प्रेरित करें और अच्छे उदाहरण के साथ उसका मनोबल बढ़ाएं।
- बच्चे के साथ माता-पिता भी सुबह उठ जाएं, भले ही बाद में सो जाएं।
- कोशिश करें कि बच्चों को स्कूल तक खुद छोड़ने जाएं।